Success Story: आईआईटी स्टूडेंट ने ऐसे लिखी सफलता की नई इबारत, पढ़ें पूरी कहानी

नितिन विजय के मुताबिक लगभग 25 साल पहले टीचर्स अपने घरों में व्यक्तिगत रूप से पढ़ाते थे.

Success Story: शिक्षक बनने का सपना देखने वाले नितिन विजय ने IIT में ही स्टूडेंट्स की क्लासेस लेना शुरू कर दिया था.आज उनकी कंपनी मोशन एजुकेशन देश के 18 से अधिक शहरों में काम कर रही है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की कहानी…

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    नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Covid-19) के डर से पिछले डेढ़ साल से तमाम स्कूल और कोचिंग (Coaching) सूने पड़े हैं. कोविड के चलते अब ऑनलाइन क्लासेज (Online Classes) का ट्रेंड जोरो पर हैं. मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और बायजू के जेईई (JEE), एनईईटी (NEET) डिविजन के वाइस प्रेसिडेंट नितिन विजय (Nitin Vijay) ने कोटा की कोचिंग संस्कृति पर विशेष जोर देने के साथ-साथ कोरोना प्रकोप के बाद शिक्षा क्षेत्र में बदलाव, चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए ये बातें कहीं हैं.

    अब पूरी तरह बदल गया है कोचिंग उद्योग:
    नितिन विजय के मुताबिक लगभग 25 साल पहले टीचर्स अपने घरों में व्यक्तिगत रूप से पढ़ाते थे. इसके बाद चलन (Trend) बदल गया और कोचिंग संस्थानों ने अपना वजूद दर्ज कराना शुरू किया. कोविड के बाद चीजें और तेजी से बदली हैं. आजकल स्टूडेंट्स को सिर्फ स्टडी मैटेरियल (Study Material) नहीं, बल्कि स्पेशल स्टडी मैटेरियल चाहिए जो उसकी स्टडी की सभी जरूरतें पूरी करता हो. उसमें फालतू की चीज़ें ना होकर, वो बिल्कुल सटीक होना चाहिए. इसलिए अब, इंडस्ट्री (Industry) को हाइब्रिड मॉडल विकसित करने के लिए शिक्षा को कस्टमाइज करने की जरूरत है जो इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

    तकनीक ने इंडस्ट्री को बदलने में की मदद:
    तकनीक (Technique) ने कोचिंग इंडस्ट्री को बदलने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. अब छात्रों की व्यक्तिगत कमजोरियों की पहचान करना और उसके मुताबिक उनकी मदद करना काफी आसान हो गया है. नितिन के अनुसार आजकल वीडियो लेक्चर, रिकॉर्डेड लेक्चर, टेस्ट पेपर और क्विज के लिए बेहद जरूरी बुनियादी तकनीक है. एआई और मशीन लर्निंग ( Machine Learning) से छात्रों को उनके ऑनलाइन इनपुट और फीडबैक से उनकी कमजोरी को पहचानने में मदद मिलेगी. कोविड महामारी ने एक बात जानने का अवसर दिया है कि हम कितने विकसित हैं और अगले 10 वर्षों में हमें क्या करना है. तकनीक और मानवीय कल्पना का नया कॉम्बिनेशन भविष्य में स्टूडेंट्स की काफी हेल्प करेगा.

    पिछले 15 साल में तैयार किए हजारों इंजीनियर और डॉक्टर:
    नितिन का जन्म कोटा (Kota) में हुआ और उन्होंने आईआईटी (IIT) से इंजीनियरिंग की. उन्होंने अपने सपने के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों में मोटी सैलरी वाली नौकरियों के बजाए फिजिक्स की कोचिंग देकर छात्रों की मदद करना पसंद किया, जिससे कि हमारे देश में क्वालिटी एजुकेशन (Quality Education) को बढ़ावा मिल सके. नितिन विजय हमेशा शिक्षक बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने IIT में ही स्टूडेंट्स की क्लासेस लेना शुरू कर दिया था. आज नितिन विजय कोटा के कोचिंग गलियारों में सफलता का दूसरा नाम माने जाते हैं. JEE और NEET परीक्षाओं में मोशन एजुकेशन, कोटा (राजस्थान) और देश के 18 से अधिक शहरों में काम कर रही है. इसकी सहायता से पिछले 15 वर्षों में हजारों इंजीनियर्स और डॉक्टर्स तैयार किए गए हैं.

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