राजद सरकार बनने पर बिहार के 10 लाख युवाओं को स्थायी नौकरी देंगे: तेजस्वी

बिहार की आबादी लगभग साढ़े बारह करोड़ है. (तेजस्वी यादव , फोटो साभार- ट्विटर.)
बिहार की आबादी लगभग साढ़े बारह करोड़ है. (तेजस्वी यादव , फोटो साभार- ट्विटर.)

तेजस्वी ने दावा किया बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत एव तय मानकों के हिसाब से पांच लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 7:52 PM IST
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नई दिल्ली. बिहार में विपक्षी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राजद के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में पहली ही कलम से बिहार के 10 लाख युवाओं को स्थायी नौकरी दी जाएगी.

बेरोज़गारी हटाओ पोर्टल 
उन्होंने कहा कि राजद द्वारा पांच सितंबर को प्रारंभ किये गये बेरोज़गारी हटाओ पोर्टल पर अब तक 9 लाख 47 हज़ार 324 बेरोज़गार युवाओं और 13 लाख 11 हज़ार 626 लोगों ने टोल फ्री नम्बर पर मिस्ड कॉल किया यानि अब तक कुल 22 लाख 58 हज़ार 950 लोगों ने निबंधन किया है.

 पांच लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की आवश्यकता
तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में चार लाख 50 हज़ार रिक्तियाँ पहले से ही है. शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत एव तय मानकों के हिसाब से बिहार में अभी भी पांच लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है. अकेले स्वास्थ्य विभाग में ही ढाई लाख लोगों की ज़रूरत है.



एक लाख पचीस हज़ार डॉक्टरों की ज़रूरत
बिहार की आबादी लगभग साढ़े बारह करोड़ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य मानक के अनुसार प्रति 1000 आबादी एक डॉक्टर होना चाहिए लेकिन बिहार में 17 हज़ार की आबादी पर एक डॉक्टर है . इस हिसाब से बिहार में एक लाख पचीस हज़ार डॉक्टरों की ज़रूरत है. तेजस्वी ने कहा कि उसी अनुपात में नर्स,लैब टेक्निशियन एवं फ़ार्मसिस्ट आदि की ज़रूरत है.

पुलिसकर्मियों के 50 हजार से अधिक पद रिक्त
उन्होंने दावा किया कि राज्य में पुलिसकर्मियों के 50 हजार से अधिक पद रिक्त हैं और यह तब है जब बिहार में पुलिस-पब्लिक का अनुपात न्यूनतम स्तर पर पहुंचा हुआ है. उनके अनुसार यहां प्रति एक लाख की आबादी पर सिर्फ 77 पुलिस कर्मी हैं जबकि मणिपुर जैसे राज्य में पुलिसकर्मियों की संख्या प्रति एक लाख की आबादी पर एक हजार से अधिक है तथा राष्ट्रीय औसत 144 पुलिसकर्मी प्रति एक लाख आबादी पर है.

तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में 1.26 लाख पुलिसकर्मियों की जरूरत है लेकिन अभी सिर्फ 77 हजार कार्यरत पुलिस कर्मियों के भरोसे इतना बड़ा क्षेत्रफल वाला और अपराध की दृष्टि से गंभीर माना जाने वाला राज्य चल रहा है. अभी पुलिस विभाग में लगभग 50 हज़ार रिक्तियाँ है.



तीन लाख शिक्षकों की ज़रूरत
तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में शिक्षा क्षेत्र में तीन लाख शिक्षकों की ज़रूरत है. प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ढाई लाख से अधिक स्थायी शिक्षकों की पद रिक्त है. कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर लगभग 50 हज़ार प्रोफ़ेसर की आवश्यकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 35 हज़ार के लगभग ऐसे विद्यालय हैं जहाँ एक ही शिक्षक हैं.

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इंजीनियर के 66 प्रतिशत पद ख़ाली
उन्होंने दावा किया कि राज्य में जूनियर इंजीनियर के 66 प्रतिशत पद ख़ाली हैं. तेजस्वी ने कहा कि पथ निर्माण, जल संसाधन, भवन निर्माण, बिजली विभाग तथा अन्य अभियांत्रिक विभागों में लगभग 75 हज़ार अभियंताओं की ज़रूरत है.
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