Green Jobs: एनवायरमेंट फील्ड में करियर बनाकर कमा सकते हैं लाखों, ये हैं टॉप 5 नौकरियां

एनवायरमेंट फील्ड में करियर के विकल्प 12वीं के बाद से ही शुरू हो जाते हैं.

एनवायरमेंट फील्ड में करियर के विकल्प 12वीं के बाद से ही शुरू हो जाते हैं.

Green Jobs: जंगल और वन्य जीवन से प्रेम करने वाले युवाओं के लिए पर्यावरण का क्षेत्र करियर के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. पर्यावरण के क्षेत्र में काम करके न सिर्फ जलवायु संरक्षण पर काम किया जा सकता है बल्कि अच्छी सैलरी भी मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 10:41 AM IST
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नई दिल्ली. दुनिया भर में युवाओं के बीच बीते कुछ वर्षों में पर्यावरण और जलवायु को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है. जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए युवा न सिर्फ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते देखे जा रहे हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े क्षेत्रों में जॉब का रुझान भी बढ़ृा है. अच्छे सैलरी पैकेज के साथ इस क्षेत्र में नौकरियों की अपार संभावनाएं हैं. विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं करियर के ऐसे ही पांच विकल्प जिसके जरिए जॉब और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ अंजाम दिया जा सकता है.

एनवायरनमेंट इंजीनियर

एनवायरमेंट इंजीनियर न सिर्फ मशीनें, प्रोग्राम और प्रोडक्ट्स बनाकर पर्यावरण को विकास की विभिन्न गतिविधियों से होने वाली क्षति से बचाता है बल्कि हो चुके नुकसान को ठीक करने का भी काम करता है. इसके लिए एनवायरमेंट इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक करना होगा. इसके बाद विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में काम कर सकते हैं.

सैलरी- 1.5 लाख से तीन लाख रुपये तक सैलरी मिल सकती है. कार्य और अनुभव के अनुसार सैलरी बढ़ती है.
एनवायरमेंट लॉयर

एनवायरमेंट लॉयर बनकर भी पर्यावरण संरक्षण का कार्य भलीभांति किया जा सकता है. एनवायरमेंट लॉयर जलवायु और पर्यावरण से संबंधित कानूनों का एक्सपर्ट होता है. देश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल जैसे विशेष न्यायालयों में एनवायरमेंट लॉयर के तौर पर काम किया जा सकता है. अन्य लॉयर की तरह एनवायरमेंट लॉयर की भी आय अनुभव और सफलता के आधार पर बढ़ती है. एनवायरमेंट लॉयर 12वीं के बाद पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स या ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी करके बना जा सकता है.

सैलरी- एक एनवायरमेंट लॉयर एक से तीन साल के अनुभव के बाद पांच से छह लाख रुपये सालाना तक कमा सकता है



वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट

आपको यदि वन्य जीवन से प्यार है तो वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट का करियर शानदार विकल्प है. इसके लिए सबसे पहले साइंस से 12वीं करें और इसके बाद बायोलॉजिकल साइंस से बीएससी. इस क्षेत्र में एंट्री बीएससी एग्रीकल्चर करके भी हो सकती है या फिर एनवायरमेंटल साइंस में बीएससी कर सकते हैं. बीएससी के बाद वाइल्ड लाइफ साइंस में एमएससी भी कर सकते हैं. अपेक्षित डिग्री के बाद मुंबई नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसे संस्थानों में काम कर सकते हैं.

सैलरी- एक वाइल्ड लाइफ साइंटिस्ट को शुरुआत में 40 से 50 हजार रुपये तक सैलरी मिल सकती है. लेकिन अनुभव के साथ यह लाखों में भी पहुंच सकती हैं.

एनर्जी ऑडिटर

एनर्जी ऑडिटर का कार्य ऊर्जा की खपत कम करना होता है. वह खर्च हो रही ऊर्जा का ऑडिट करता है. वह किसी इमारत के बाहरी हिस्से का निरीक्षण करके एनर्जी वेस्ट, वेंटिलेशन या ड्रेनेज की समस्या का पता लगाता है. एनर्जी ऑडिटर बनने के लिए बीटेक या एमटेक की डिग्री होनी चाहिए.

वेतनमान- एनर्जी ऑडिटर के रूप में 50 हजार से एक लाख रुपये तक सैलरी हो सकती है.

इंडियन फॉरेस्ट सर्विस

संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की ओर से हर साल इंडियन फॉरेस्ट सर्विस ((IFS) की परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. आईएफएस के जरिए सहायक वन संरक्षक, जिला वन संरक्षक, वन संरक्षक प्रमुख, वन संरक्षक जैसे पदों पर नियुक्ति होती है. अगर आप फॉरेस्ट ऑफिसर (IFS) बनना चाहते हैं तो 12वीं के बाद मैथ्स, जुलोजी, जियोलॉजी, सांख्यिकी, फिजिक्स, केमिस्ट्री बॉटनी, वेटनरी साइंस, एनिमल हस्बैंड्री या मेडिकल साइंस में ग्रेजुएट होना चाहिए.

सैलरी- एक आईएफएस अधिकारी का वेतन लगभग 80 हजार रुपये महीने होता है. इसके अलावा कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं.

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