इन छात्रों के लिए नेशनल फेलोशिप की रकम हो सकती है दोगुनी, UGC NET रैंकिंग के आधार पर होगा चयन

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Updated: August 21, 2019, 7:24 PM IST
इन छात्रों के लिए नेशनल फेलोशिप की रकम हो सकती है दोगुनी, UGC NET रैंकिंग के आधार पर होगा चयन
अनुसूच‍ित जात‍ि के छात्रों को म‍िलेगी ये सुव‍िधा

एमफिल और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करने वाले एससी छात्रों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप के रूप में सरकार द्वारा 2005 में राष्ट्रीय फैलोशिप शुरू की गई थी.

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नई दिल्‍ली: सोशल एंड एम्‍पार्मेंट मिनिस्‍ट्री के सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा के लिए अनुसूचित जाति श्रेणी के राष्ट्रीय फैलोशिप के लाभार्थियों की संख्या 2,000 से बढ़कर 4,000 हो सकती है. मंत्रालय, इसके लिए पात्रता मानदंड को बदलने पर भी विचार कर रहा है. निर्देशों के अनुसार, UGC साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करता है और JRF उम्‍मीदवारों का चयन करता है. SC फेलोशिप के लिये भी दो चरणों में एक-एक हजार उम्‍मीदवार चुने जाते हैं, यानी इस श्रेणी में कुल 2,000 JRF उम्‍मीदवारों का चुनाव होता है. अब तक उम्‍मीदवारों का चयन मंत्रालय द्वारा तैयार समिति ही करती रही है. नेट परीक्षा में उनके परिणाम की परवाह किए बिना उन्‍हें चुना जाता रहा है, ताकि सामाजिक समानता में अंतर को पाटा जा सके. सूत्रों की मानें तो अब यह व्‍यवस्‍था बदल जाएगी और अब मेरिट के आधार पर ही राष्‍ट्रीय फेलोशिप के ल‍िये भी उम्‍मीदवारों का चुनाव होगा.

लागू होगी नई व्‍यवस्‍था:
नई व्‍यवस्‍था के तहत, अब अनुसूचित श्रेणी के उम्‍मीदवारों को NET परीक्षा के नतीजों के आधार पर फेलोशिप मिलेगी. जबकि इससे पहले मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति इनका (SC fellowship students) का चयन करती थी. वहीं UGC, अपने SC छात्रों का चुनाव अपने परिणामों के आधार पर करती है. दोनों असमान व्‍यवस्‍थाओं को खत्‍म कर, अब एक ही चयन व्‍यवस्‍था, सभी उम्‍मीदवारों के ल‍िए लागू होगी.

दरअसल, JRF फेलोशिप के ल‍िये अगर 6000 छात्रों के चुनाव के साथ ही MHRD, NET नतीजों के आधार पर 500 SC छात्रों को सेलेक्‍ट कर लेता है. वहीं नेशनल फेलोश‍िप के ल‍िये SC छात्रों का चुनाव रिसर्च प्रोपोजल के आधार पर होता है.

एमफिल और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल करने वाले एससी छात्रों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप के रूप में सरकार द्वारा 2005 में राष्ट्रीय फैलोशिप शुरू की गई थी. साल 2005 में जब इस स्‍कीम को लागू किया गया था, तब से अब तक इसके तहत हर साल 2000 छात्रों को फेलोशिप दी जाती है. लेकिन इस श्रेणी के उम्‍मीदवारों को प्रोत्‍साहित करने के ल‍िये यह संख्‍या 4000 तक बढ़ाई जा सकती है.

सरकारी खर्चों में होगी बढ़ोतरी:
प्रस्‍तावित बदलाव होते हैं तो सरकार के खर्चों में इससे 3,000 करोड़ तक का इजाफा हो सकता है. लेकिन ये बदलाव लागू करने के ल‍िये कैबिनेट मंजूरी की जरूरत पड़ेगी. यहां तक क‍ि इससे पहले इससे जुड़े कई मंत्रालयों से प्रस्‍ताव को लागू करने की अनुमति लेनी होगी. सूत्रों की मानें तो इस प्रस्‍ताव को लागू करने में सरकार के ऊपर खर्च का बोझ बढ़ेगा. पहले मंत्रालय 300 से 400 करोड़ का खर्च उठाती थी. अगर ये बदलाव किए जाते हैं तो सरकारी खर्चों में चार गुना बढ़ोतरी की उम्‍मीद है.
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UGC ने इसी साल जनवरी में JRF का अलाउएंस 25,000 से बढ़ाकर 31,000 क‍िया है. हालांकि बढ़ी हुई राशि उम्‍मीदवारों काे कब से म‍िलनी शुरू होगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन सूत्रों की मानें तो अगले महीने से 31,000 की राश‍ि म‍िलनी शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही जनवरी 2019 से जो बढ़ी हुई राशि भी म‍िलेगी.

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First published: August 21, 2019, 7:19 PM IST
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