कोरोना वायरस के बीच बड़ी खबर: 75 परसेंट फीस कलेक्ट कर पाएंगे स्कूल, कोर्ट ने दी मंजूरी

कोरोना वायरस के बीच बड़ी खबर: 75 परसेंट फीस कलेक्ट कर पाएंगे स्कूल, कोर्ट ने दी मंजूरी
अब गैर सहायता प्राप्त स्कूल फीस ले पाएंगे.

गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को साल 2020-21 एकेडमिक ईयर की 75 फीसदी ट्यूशन फीस लेने की इजाज़त दे दी गई है. ये ट्यूशन फीस स्कूल दो इन्सटॉलमेंट्स में ले सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 18, 2020, 11:19 AM IST
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नई दिल्ली. पूरे देश में फैले कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते करीब पिछले चार महीनों से स्कूल कॉलेज बंद हैं. साथ ही तमाम राज्य सरकारों ने पेरेंट्स से फीस की वसूली न करने को भी कहा है. ऐसे में तमाम स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब होने की भी खबरें आ रही थीं और वे टीचर्स की फीस दे पाने में सक्षम नहीं है. तमाम स्कूलों के संगठन ने इस मामले में सरकार से भी गुहार लगाई थी कि उन्हें फीस लेने की अनुमति दी जाए.

दो इन्सटॉलमेंट में ली जा सकेगी फीस
अब इसी कड़ी में मद्रास हाईकोर्ट ने गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को साल 2020-21 एकेडमिक ईयर के लिए पिछले साल की तुलना में 75 फीसदी ट्यूशन फीस लेने की इजाज़त दे दी है. ये ट्यूशन फीस स्कूल दो इन्सटॉलमेंट्स में ले सकते हैं. इसमें 40 परसेंट फीस 31 अगस्त तक या उससे पहले एडवॉन्स में ली जा सकती है और बाकी की फीस अगले दो महीने में अदा की जा सकती है. ऐसा स्कूल दोबारा खुलने की स्थिति में किया जाएगा.

कोर्ट में डाली गई थी याचिका
इस मामले में ऑल इंडिया प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स एशोसिएशन द्वारा याचिका डाली गई थी जिसमें 20 अप्रैल को सरकार द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती दी गई थी. सरकार ने अपने आदेश में प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस वसूलने पर रोक लगा दी थी.



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9 जुलाई को सरकार ने रखा था अपना पक्ष
9 जुलाई को फाइल किए गए काउंटर एफिडेविट में राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया था कि प्राइवेट स्कूलों को तीन इन्स्टॉलमेंट में फीस वसूलने की अनुमति दी गई है. लेकिन जब शुक्रवार को मामला कोर्ट के सामने सुनवाई के लिए आया तो कोर्ट ने स्कूलों को दो इन्सटॉलमेंट में फीस वसूलने की अनुमति दे दी. जिसमें 40 फीसदी शुरुआती फीस के रूप में और 35 फीसदी स्कूल खुलने के दो महीनों के भीतर. हालांकि, कोर्ट ने ये भी कहा है कि इस दौरान टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ सैलरी और डीए में किसी तरह के बढ़ोत्तरी करने के लिए दबाव नहीं डालेंगे.
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