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ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे 10वीं की परीक्षा देने पहुंचीं सोलह साल की साफिया, लोगों ने की तारीफ

News18Hindi
Updated: February 29, 2020, 4:33 PM IST
ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे 10वीं की परीक्षा देने पहुंचीं सोलह साल की साफिया, लोगों ने की तारीफ
ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे 10वीं की परीक्षा देने पहुंचीं सोलह साल की साफिया, लोगों ने किया सलाम

साफिया फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही हैं. इसकी वजह से डॉक्टर्स ने साफिया को 24 घंटे ऑक्सीजन सिलेंडर पर रहने की सलाह दी है. साफिया ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे जिंदगी जी रही हैं.

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  • Last Updated: February 29, 2020, 4:33 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच कई तरह की खबरें आ रही हैं, लेकिन वहीं से एक खबर ऐसी आ रही है जो हम सब का हौंसला बढ़ाने वाली है. खबर यह है कि बरेली शहर की साफिया जावेद नाम की 16 वर्षी लड़की फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित हैं. जो परीक्षा केंद्र पर ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे पहुंची और परीक्षा दिया. लड़की की इस बहादुरी पर लोगों ने उसको उसके हौसले को सलाम किया.

दरअसल साफिया फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही हैं. इसकी वजह से डॉक्टर्स ने साफिया को 24 घंटे ऑक्सीजन सिलेंडर पर रहने की सलाह दी है. साफिया ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे जिंदगी जी रही हैं, गुरुवार को वह ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा देने पहुंची थीं. साफिया बरेली के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से हाई स्कूल की पढ़ाई कर रही हैं.

साफिया को क्या है बीमारी
साफिया पिछले 5 साल से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रही थीं अगर वह थोड़ा भी चलती हैं तो उनकी सांस फूलने लगती है. इसी कारण इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने उन्हें चौबीसों घंटे ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ रहने के लिए कहा है. लंबे समय से बीमार होने के कारण उन्हें फेफड़ों में कमजोरी के साथ-साथ टीबी भी हो गई थी. इसके कारण वह ठीक से सांस भी नहीं ले पाती हैं.



साफिया का इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने उसे दिन-रात ऑक्सीजन के सहारे रहने की सलाह दी है. वह पिछले एक साल से ऐसे ही जिंदगी जी रही हैं. साफिया ने मीडिया को बताया कि 'मेरे परिवार ने मेरी बहुत मदद की और मुझे हिम्मत दी. मुझे कंप्यूटर साइंस पसंद है, लेकिन मैंने अभी तय नहीं किया है कि मुझे क्या बनना है.'' जहां लोग थोड़ा सा बीमार होने पर ही सब कुछ छोड़ देते हैं, इतनी गंभीर बीमारी होने के बाद भी साफिया लड़ रही है. इस साल उसने

परीक्षा का प्राइवेट फॉर्म भरा था.
परीक्षा देते समय साफिया कि हिम्मत जवाब देने लगी. उसने सोचा कि ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे वह कैसे 3 घंटे बिता पाएगी, लेकिन उसके घरवालों और परिजनों ने उसका हौसला बढ़ाया. इसके बाद साफिया को हिम्मत मिली और उसने अपनी बीमारी को हराते हुए परीक्षा दी. उसके घरवालों लिखित प्रार्थना पत्र देकर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ एग्जाम देने की अपील की. उसके परिवार वाले सिलेंडर को परीक्षा हॉल तक लेकर जाते हैं.

साफिया की इस परेशानी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी साफिया की पूरी मदद की. बरेली मंडल के जेडी प्रदीप कुमार ने बताया कि वह साफिया के जज्बे को सलाम करते हैं. साफिया बाकी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा हैं. साफिया के साथी भी उसकी हिम्मत की दाद देते हैं. वह घर पर भी ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर पढ़ाई करती हैं. साफिया का जज्बा और जुनून देखकर हर कोई हैरान है.

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First published: February 29, 2020, 4:25 PM IST
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