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सरकारी अफसरों की गाड़ी चलाने वाले के बेटे का JPSC में चयन, मां-बोली जिंदगी का हर सपना पूरा हो गया

गुमला के करमटोली के रहने वाले जगरन्नाथ लोहरा ने जेपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है.

Success Story : जगरन्नाथ लोहरा के पिता कृष्णा लोहरा डीसी के ड्राइवर हैं उनका सपना काफी पहले से था कि उनका बेटा भी आफिसर बने जिसे उनके बेटे ने पूरा कर दिया.

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    नई दिल्ली. गुमला जिला में सरकारी बाबुओं का वाहन चलाने वाले कृष्णा लोहरा के बेटे ने जेपीएससी (JPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर इलाके का नाम रोशन किया है. गुमला के करमटोली के रहने वाले जगन्नाथ लोहरा ने जेपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर यह साबित कर दिया है कि कम संसाधन होने के बाद भी सफलता हासिल की जा सकती है.

    जगरन्नाथ लोहरा के पिता कृष्णा लोहरा डीसी के ड्राइवर हैं उनका सपना काफी पहले से था कि उनका बेटा भी आफिसर बने जिसे उनके बेटे ने पूरा कर दिया. जगरन्नाथ की मानें तो उन्होंने पूर्व में भी जेपीएससी में एक बार मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी, लेकिन उनका अंतिम रूप से चयन नहीं हो पाया था. बेटे का जेपीएससी में चयन होने पर मां-बाप क कहना है कि उनको वो सबकुछ मिल गया, जिसकी उन्होंने कभी सपना देखा था.

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    परिवार के साथ जगरन्नाथ लोहरा.


    जगरन्नाथ लोहरा की मां शांति देवी की मानें तो वे अनपढ़ महिला हैं, लेकिन अपने बच्चों को पूरी ईमानदारी से पढ़ाने का काम किया. शांति देवी ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के कारण उन लोगों ने अपने जीवन की तमाम ख्वाहिस को भुला दिया था कि बच्चा किसी तरह से अच्छी शिक्षा प्राप्त करे. जगरन्नाथ लोहरा के पिता कृष्णा लोहरा की मानें तो उसके जीवन की पूरी इच्छा इस बात को लेकर थी कि एक दिन उनका बेटा भी ऑफिसर बने, जिसे ईश्वर ने पूरा कर दिया.

    वहीं अपने पति जगरन्नाथ की सफलता पर अनुराधा कश्यप ने कहा कि जब वह शादी के बाद ससुराल आयीं तो पति के सिविल सर्विस के प्रति रुझान को देखकर उसने भी उन्हें पूरी तरह से मदद की उनकी पढ़ाई को कभी भी बाधित करने की कोशिश नहीं की साथ ही सारी इच्छाओं को मारकर रखा. वहीं जगरन्नाथ के चाचा दिलीप लोहरा जो समाहारनालय में एक क्लर्क हैं उन्होंने कहा कि उनके पूरे परिवार का सपना था की परिवार में कोई ऑफिर बने जिसे उनके भतीजे ने पूरा किया. चाचा ने कहा कि भजीते कि  सफलता पर हम आज उत्साह मना रहें हैं.

    उन्होंने कहा कि परिवार के अन्य बच्चों को प्रेरणा मिलेगी और वह भी इसके रास्ते पर चलकर सफलता प्राप्त करेंगे, वहींं जगरन्नाथ लोहरा की इस सफलता से उनके तीन भाई और एक बहन काफी खुश हैं. तीनों भाई और बहन का कहना है कि वह भी सरकारी अधिकारी बनने के लिए मेहनत करेंगे और परिवार का नाम रोशम करेंगे.

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