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भारत में रुकें और पढ़ें कार्यक्रम: दुनिया के टॉप संस्थानों के साथ काम करेंगे भारतीय इंस्टिट्यूट्स

भारत में रुकें और पढ़ें कार्यक्रम: दुनिया के टॉप संस्थानों के साथ काम करेंगे भारतीय इंस्टिट्यूट्स

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के नये भवन का डिजिटल माध्यम से शुभारंभ किया. इसी मौके पर इस संस्थानों के संग काम करने की बात कही.

    नई दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ‘भारत में रुकें और पढ़ें’ कार्यक्रम के तहत दुनिया के 100 शीर्ष संस्थानों को देश में आमंत्रित किया जायेगा, जो भारत की श्रेष्ठ संस्थाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये गठजोड़ करेंगे .

    हर साल 8 लाख छात्र जाते हैं विदेश
    कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के नये भवन का डिजिटल माध्यम से शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर साल 7.5 से 8 लाख छात्र विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं, अगर उन्हें देश में वैसी ही सुविधा मिले तब वे रूक सकते हैं .

    देश में बेहतर सुविधा हो तो वे बाहर क्यों जाएं
    उन्होंने कहा कि अगर भारत में वैसी ही स्थितियां उपलब्ध हो तब इन 7-8 लाख छात्रों को बाहर जाने की क्या जरूरत होगी . विदेशों में उन्हें जो सुविधा या शिक्षा मिलती हैं, हम भारत में उन्हें उपलब्ध कराना चाहते हैं .

    भारत में उत्कृष्ठ शिक्षा प्राप्त कर देश की प्रगति करें
    निशंक ने कहा, ‘‘ ऐसे छात्र भारत में उत्कृष्ठ शिक्षा प्राप्त करें और देश की प्रगति में भागीदार बने, इस उद्देश्य से हमने ‘भारत में रूकें, भारत में पढ़ें’ कार्यक्रम तैयार किया है. ’’

    दुनिया की 100 शीर्ष संस्थाएं आमंत्रित
    उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया के 100 शीर्ष संस्थाओं को आमंत्रित कर रहे हैं. हम भारत में उनका श्रेष्ठ लायेंगे, अपनी शर्तो पर लायेंगे. भारत के श्रेष्ठ संस्थान उनके साथ गठजोड़ करेंगे.

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    नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
    नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब कोई छात्र उच्च शिक्षा के स्तर पर अगर किसी विवशता के कारण पढ़ाई छोड़ता है तब वह बाद में फिर से उसी स्तर से पढ़ाई शुरू कर सकता है, जहां उसने पढाई छोड़ी थी. छात्रों को स्नातक स्तर पर पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और फिर डिग्री दी जाएगी . इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे.

    Tags: Education news, Education Policy, Education Policy 2020, Ramesh Pokhriyal Nishank

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