गोरखपुर की छात्रा ने बनाया ऐसा चमकीला पदार्थ, 2 वॉट के एलईडी में मिलेगी 20 वॉट जैसी रोशनी

इफ्फत ने दुनिया का सबसे चमकीला पदार्थ खोज निकाला है. छात्रा की इस खोज से भविष्य में इस पदार्थ के उपयोग से 2 वॉट के एलईडी से 20 वॉट तक की रोशनी संभव हो सकेगी.

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 11:19 AM IST
गोरखपुर की छात्रा ने बनाया ऐसा चमकीला पदार्थ, 2 वॉट के एलईडी में मिलेगी 20 वॉट जैसी रोशनी
इफ्फत अमीन
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Updated: July 11, 2019, 11:19 AM IST
यूं तो भारत के वैज्ञानिक पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं लेकिन अब एक शोध छात्रा ने अपनी खोज से एक बार फिर सबको हैरत में डाल दिया है. इस छात्रा का नाम है इफ्फत अमीन. इफ्फत ने दुनिया का सबसे चमकीला पदार्थ खोज निकाला है. इस काप्लेक्स की चमक क्षमता 91.9 प्रतिशत है. इस पदार्थ को परीक्षण के बाद अब इस रिसर्च पर आईआईटी चेन्नई और जापान के क्यूशू इंस्टीट्यूट से भी सहमति मिल गई है.

छात्रा के इस सफल के परीक्षण के बाद अब भविष्य में इस पदार्थ के उपयोग से दो वॉट के एलईडी से 20 वॉट तक की रोशनी संभव हो सकेगी. बता दें इफ्फत गोरखपुर के दीनदयाल दीनदयाल उपाध्याय विवि में केमिस्ट्री की शोधार्थी है. इस बारे में योरस्‍टोरी से बात करते हुए छात्रा ने बताया कि रिसर्च के दौरान कई तरह-तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा लेकिन फिर भी वे डटी रहीं. वहीं इस बारे में इफ्फत अमीन के प्रोफेसर उमेश नाथ त्रिपाठी बताते हैं कि इफ्फत अमीन की चमकीले कांप्लेक्स के मिश्रण को आईआईटी चेन्नई, सीडीआरआई लखनऊ और जापान के क्यूशू इंस्टीट्यूट के लैब-परीक्षणों में भी सफल पाया गया है.

पांच साल का लगा समय 

रिसर्च की शुरुआत के दो साल तो केवल दुर्लभ तत्व जुटाने और उनके संश्लेषण, अनुप्रयोग आदि को समझने में ही लग गए. उसके बाद तीन साल और रिसर्च में व्यतीत किए. पांच साल में इफ्फत का यह शोध अब पूरा हुआ है. इस कांप्लेक्स की चमक क्षमता 91.9 फीसदी है. अब तक बने चमकीले कांप्लेक्स की क्षमता 80 फीसदी तक रही है.

100 बार मिली असफलता

इफ्फत ने कहा कि हमारे देश में आज भी वैज्ञानिक परीक्षणों से संबंधित कई तरह केमिकल नहीं मिल पाते हैं, जिन्हे विदेशों से मंगाना बेहद खर्चीला होता है, साथ ही उसमें समय का भी बर्बाद होता है. इसी वजह से उनके दो साल लगातार असफलताओं में गुजर गए. उस दौरान उनसे सौ से ज्यादा गलतियां हुईं लेकिन कठिन मेहनत से वह उन्हे एक-एक कर ठीक करती गईं. आज परिणाम सबके सामने हैं.

अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में शोधपत्र हुए प्रकाशित
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इफ्फत अमीन के अब तक कुल चार शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें इंग्लैंड स्थित रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, कई देशों से प्रकाशित होने वाला एल्वाइजर, जर्नल टेलर एंड फ्रांसिस आदि शामिल हैं.शोध के लिए उन्हें गुरु गोरक्षनाथ शोध मेडल भी मिल चुका है.

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First published: July 11, 2019, 11:19 AM IST
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