यूजीसी के फाइनल ईयर एग्जाम रूल के खिलाफ 31 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

यूजीसी के फाइनल ईयर एग्जाम रूल के खिलाफ 31 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले यूजीसी को ओपन बुक एग्जाम के संबंध में भी गाइडलाइन जारी करने को कहा था.

शिवसेना की युवा शाखा, युवा सेना ने भी सुप्रीम कोर्ट में COVID-19 संकट के मद्देनजर राज्यों के विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष के परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.

  • Share this:
31 छात्रों के एक समूह ने सितंबर के अंत तक अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के खिलाफ याचिका दायर की है. मामले को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

कर्नाटक, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय और कई अन्य राज्यों के छात्रों ने 6 जुलाई को जारी यूजीसी नोटिस को रद्द करने की मांग की. जिस नोटिस में आयोग ने विश्वविद्यालयों से 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए कहा है.

यूजीसी के नोटिस में विश्वविद्यालयों को ऑफलाइन मोड, ऑनलाइन मोड या फिर परीक्षा के मिश्रित मोड का चयन करके परीक्षा आयोजित करने के लिए कहा है. या फिर परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित की जाएगी.



बाद में जारी किए गए नोटिसों में, यूजीसी ने इस बात पर अपडेट किया कि कितने विश्वविद्यालयों ने परीक्षा आयोजित करने की पुष्टि की है. यूजीसी का कहना है, 603 विश्वविद्यालय सितंबर में परीक्षा आयोजित करेंगे.
अंतिम वर्ष की परीक्षाओं पर, यूजीसी का कहना है कि "परीक्षाओं में प्रदर्शन योग्यता, आजीवन विश्वसनीयता, प्रवेश, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, प्लेसमेंट और बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए व्यापक वैश्विक स्वीकार्यता में योगदान देता है."

ये भी पढ़ें-
देशभर की यूनिवर्सिटीज में फाइनल ईयर एग्जाम रद्द होंगे? पढ़ें SC का जवाब
UP बोर्ड: 9वीं, 11वीं में नया इंग्लिश सिलेबस- विदेशी लेखक बाहर, भारतीयों को जगह

इससे पहले, शिवसेना की युवा शाखा, युवा सेना ने भी सुप्रीम कोर्ट में COVID-19 संकट के मद्देनजर राज्यों के विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष के परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज