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Success Story: रेलवे में हुई रिजेक्ट,पहली बार में एग्जाम क्रैक कर बनीं IAS

Success Story: रेलवे में हुई रिजेक्ट,पहली बार में एग्जाम क्रैक कर बनीं IAS

प्रांजल पाटिल

प्रांजल पाटिल

प्रांजल मानती हैं- सफलता प्रेरणा नहीं देती, सफलता के पीछे का संघर्ष प्रेरणा देता है. लेकिन सफलता महत्वपूर्ण है क्योंकि तभी लोग आपके संघर्ष को जानने के इच्छुक होंगे.

  • News18Hindi
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    Inspiring IAS Success Story: ये कहानी महाराष्ट्र के उल्हासनगर की प्रांजल पाटिल की है. प्रांजल देख नहीं सकती हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा कर दिखाया जिसका सपना आंखों से सक्षम लोग भी देखते हैं. प्रांजल ने पहले ही अटेंप्ट में साल 2016 में सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 773 हासिल की थी.

    प्रांजल ने एक आंख की रौशनी छठी क्लास में खो दी थी. एक स्टूडेंट से उनकी आंख मे पेंसिल लग गई थी. लेकिन उसके अगले ही साल उन्होंने अपनी दूसरी आंख की रौशनी भी खो दी. दोनों आंखों की रौशनी चले जाने के बाद भी प्रांजल ने हार नहीं मानीं, उन्होंने ब्रेल लिपि के जरिए पढ़ाई जारी रखी. साथ ही उन्होंने एक ऐसे सॉफ्टवेयर की भी मदद ली, जिससे वे शब्द दर शब्द सुन पाती थीं. वे बचपन से ही करियर चुनने को लेकर बेहद गंभीर थीं.



    प्रांजल को reading पसंद थी. उन्हें नई-नई चीज़ों के बारे में पढ़ना भी उतना ही अच्छा लगता. प्रांजल ने IAS की तैयारी के लिए पढ़ाई शुरू की. अपनी रीडिंग हेबिट को पहले की तुलना में और ज्यादा डेवलेप किया. उन्होंने एग्जाम का सिलेबस पूरे मन से पढ़ा. उन्होंने दिल्ली की ALS अकादमी से टेस्ट सीरीज दिए. इस बीच वे कई दफा खुद की महत्वाकांक्षा के बारे में संदेह और अविश्वास से गुजरीं. लेकिन प्रांजल ने इसे इस तरह लिया, उन्होंने माना कि जब आपको संदेह होता है, तभी आप प्रेरित होते हैं.

    प्रांजल ने इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस (IRAS) एग्जाम भी पास किया, इस एग्जाम में उन्होंने 773वीं रैंक हासिल की. लेकिन रेलवे सर्विस डिपार्टमेंट ने उन्हें न देख पाने की वजह से जॉब ऑफर नहीं की. दरअसल रेलवे के नियमों के मुताबिक, नेत्रहीन उनके यहां नौकरी के लिए अयोग्य है.

    प्रांजल JNU से PhD कर रही हैं. रेलवे में जॉब न कर पाने का पांजल को बेहद दुख हुआ, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. प्रांजल ने UPSC एग्जाम क्लियर किया. उन्होंने IAS के एग्जाम में AIR 124वीं रैंक हासिल की. प्रांजल मानती हैं- सफलता प्रेरणा नहीं देती, सफलता के पीछे का संघर्ष प्रेरणा देता है. लेकिन सफलता महत्वपूर्ण है क्योंकि तभी लोग आपके संघर्ष को जानने के इच्छुक होंगे.

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    Tags: IAS exam, Success Story

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