Success Story: GAIL की नौकरी छोड़ IAS बने शख्स ने बताई तैयारी की रणनीति

2017 में एग्जाम से लगभग 15 दिन पहले वे बीमार थे, करीब दस दिनों तक बिस्तर पर रहे. जबकि एग्जाम ले तुरंत पहले के वक्त की अपनी अहमियत होती है.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 12:09 PM IST
Success Story: GAIL की नौकरी छोड़ IAS बने शख्स ने बताई तैयारी की रणनीति
आईएएस आशुतोष द्विवेदी.
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Updated: September 13, 2019, 12:09 PM IST
Success Story: न्यूज18हिंदी पर आज की सक्सेस स्टोरी में मिलिए आईएएस आशुतोष द्विवेदी से. आशुतोष ने साल 2017 में 70वीं रैंक हासिल की. उन्होंने गेल (GAIL) की नौकरी छोड़कर आईएएस बनने की ठानी थी. आशुतोष मानते हैं यूनियन पब्लिक सर्विस के सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करना तपस्या जैसा है. इसके लिए पूरी लगन और ईमानदारी से समय दिया जाए तो सफल होते हैं.

IAS बनने का फैसला आशुतोष ने अपने बड़े भाई का ख्वाब पूरा करने के लिए लिया. एग्जाम की रणनीति पर उन्होंने कहा UPSC परीक्षा की तैयारी तपस्या जैसी है. समाज और देश की परिस्थितियों के बारे में लगातार अध्ययन से सामान्य व्यक्ति संवेदनशील बन जाता है. इस एग्जाम को पास करना या न करना अलग बात है, ये बदलाव भी अपने आप में खास हैं.

आशुतोष दृण निश्चयी थे Indian Administrative Service (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के लिए सेलेक्ट होकर रहेंगे. दो प्रयासों में वे यूनियन पब्लिक सर्विस के साथ काम करने लगे, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य क्लीयर था. 2017 में वे आईएएस के लिए चुने गए. सफलता का श्रेय पत्नी प्रज्ञा को भी देते हैं. मकसद कितना की क्लीयर क्यों न हो पर परेशानियां तो आती ही हैं. 2017 में एग्जाम से लगभग 15 दिन पहले वे बीमार थे, करीब दस दिनों तक बिस्तर पर रहे. जबकि एग्जाम ले तुरंत पहले के वक्त की अपनी अहमियत होती है.



आशुतोष भी एग्जाम से 15 दिन पहले के वक्त को ज़ाया करने का जोखिम नहीं उठा सकते थे, और पढ़ भी नहीं पा रहे थे. उन दिनों पत्नी प्रज्ञा ने नोट्स पढ़कर सुनाए जिससे उन्होंने करंट अफेयर्स का बड़ा हिस्सा तैयार किया. एग्जाम की रणनीति में किताबों का अहम रोल होता है. आपने तयारी के लिए कौन सी किताबें पढ़ी, ये बेहद मायने रखता है. आशुतोष ने तैयारी के लिए कुछ किताबें के नाम भी शेयर किए हैं.

इतिहास के लिए बिपिन चंद्र की ‘इंडियन स्ट्रगल फॉर इंडिपिडेंस’पढ़ें. एथिक्स के लिए वो महात्मा गांधी की ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’. लाइट रीडिंग के लिए श्री लाल शुक्ल के लिखे व्यंगात्मक हिंदी उपन्यास पढ़ें.

इंटरव्यू के लिए वे मानते हैं साक्षात्कार व्यक्तित्व का परीक्षण है न कि ज्ञान का. इसलिए नई चीजें सीखने की बजाय व्यक्तित्व के सबसे उज्ज्वल पहलू को चमकाने पर ध्यान दें. विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) ईमानदारी से भरें. डीएएफ में जो भरें, पूरी लगन से करें. इसमें अपनी पृष्ठभूमि से संभावित प्रश्नों की लिस्त बनाकर उत्तर दें. (द बेटर इंडिया से बातचीत के आधार पर)
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First published: September 13, 2019, 12:07 PM IST
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