लाइव टीवी

SUCCESS STORY: कहानी उन चार बहन-भाइयों की जो तीन साल में बनें IAS

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 11:22 AM IST
SUCCESS STORY: कहानी उन चार बहन-भाइयों की जो तीन साल में बनें IAS
आज की सक्सेस स्टोरी में मिलिए लोकोश मिश्रा और उनके बहन-भाइयों से.

SUCCESS STORY: उन मां-बाप की खुशी का अंदाजा लगाइए, जिनके चार बच्चों ने तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2019, 11:22 AM IST
  • Share this:
SUCCESS STORY: आज की सक्सेस स्टोरी में मिलिए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज के  लोकेश मिश्रा समेत उनके तीन और बहन-भाइयों से. कल्पना कीजिए आपने सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) क्लियर किया तो पेरेंट्स की खुशी का ठिकाना क्या होगा. अब इस खुशी को चौगुना करके उन मां-बाप की खुशी का अंदाजा लगाइए, जिनके चार बच्चों ने तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले मिश्रा परिवार के चार भाई-बहन तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर करके IAS बने. ये चारों अनिल मिश्रा और कृष्णा मिश्रा के बच्चे योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी हैं.

UP के इन चार बहन-भाइयों ने तीन साल में क्लियर किया IAS एग्जाम

अनिल मिश्रा, बतौर बैंक मैनेजर Regional Rural Bank में काम करते थे. वे अपनी पत्नी कृष्णा मिश्रा और चार बच्चों योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी के साथ दो कमरों के घर में रहे. बड़े होने के दौरान, चार भाई-बहनों ने नॉर्मल रिश्ता साझा किया. वे सभी पढ़ाई में भी अच्छे थे. ऐसे में उन्होंने प्रतिष्ठित सिविल सेवा में जाने का फैसला लिया.

चारों भाई-बहनों में से सबसे पहले योगेश ने 2013 में सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया. वह रिजर्व लिस्ट में सीएसई 2013 में चुना गया. उनकी सफलता ने तीनों भाई-बहनों के लिए प्रेरणा बनी. योगेश के बाद माधवी ने CSE 2014 with AIR 62 क्लियर किया. इस बीच, लोकेश ने सीएसई 2014 में रिजर्व लिस्ट में अपना नाम भी पाया. हालांकि, उसे खुद पर भरोसा था और उसने इसे एक और शॉट देने का फैसला किया.

लोकेश इससे पहले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT-D) से इंजीनियरिंग पूरा कर चुके थे. उनका मानना ​​है कि उनकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि ने सीएसई-प्रीलिम्स को आसान बनाया, जबकि सीएसई-मुख्य परीक्षा के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण उनकी रणनीति थी.

लोकेश ने समाजशास्त्र (Sociology) को MAIN ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में चुना. उनके पास उनके भाई योगेश थे, जिन्होंने उसी को चुना था. फिर 2015 में लोकेश ने दूसरे अटेंप्ट में भी AIR 44 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम क्रैक कर लिया.

CSE-2015 मिश्रा परिवार के दोगुनी खुशियां एक साथ लाया, क्योंकि इसी साल चारों भाई-बहन में सबसे छोटी क्षमा ने AIR 172 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर किया.
Loading...

चारों बहन-भाई की कामयाबी पर क्षमा ने कहा, 'हम सभी एक-दूसरे का ध्यान रखते, एक-दूसरे पर विश्वास करते हैं. यह सफलता स्थिरता, कड़ी मेहनत और बलिदान का नतीजा है. हमें विरासत में नहीं मिला.'

ये भी पढ़ें-
CBSE Date Sheet: 1 जनवरी से शुरू होगी 10वीं और 12वीं की प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं
IBPS SO 2020: रज‍िस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया ibps.in पर आज से शुरू
IIT दिल्ली के छात्रों ने प्लेसमेंट में मचाया धमाल, छात्रा को 1.45 करोड़ पैकेज
IAS Preparation Tips: आईएएस बनना चाहते हैं, तो न करें ये गलतियां

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए प्रतापगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 6, 2019, 10:06 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...