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Success Story: पेशे से टीचर प्रीलिम्‍स में 4 बार हुआ फेल, छठी बार एग्जाम क्रैक कर बना IAS

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Updated: September 23, 2019, 6:16 AM IST
Success Story: पेशे से टीचर प्रीलिम्‍स में 4 बार हुआ फेल, छठी बार एग्जाम क्रैक कर बना IAS
2015 में AIR 300वीं रैंक हासिल करने वाली विवेक की कहानी.

विवेक चौहान ने पांचवी बार में प्रारंभिक परीक्षा क्‍लीयर की. 6वीं बार में करो या मरो की स्‍थ‍िति थी. आखिरी मौके में उन्होंने ऑल इंडिया 300वीं रैंक हासिल की.

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IAS Success Story: आज की सक्सेस स्टोरी में मिलिए विवेक चौहान से. विवेक ने सिविल सेवा परीक्षा में 2015 में AIR 300वीं रैंक हासिल की. विवेक की कहानी सब्र और जज्बे की कहानी है. बार बार असफलता मिलने पर भी उन्होंने हिम्मत बनाए रखी.

विवेक चौहान गाजियाबाद में रहते थे, उनका स्‍कूल काफी दूर था. स्‍कूल के लिए विवेक को सुबह 5 बजे उठते. बचपन में वे डॉक्‍टर बनना चाहते थे, लेकिन इस फील्ड में पढ़ाई का कोई जरिया न होने पर उन्‍होंने शिक्षक बनने की कोशिश शुरू कर दी. उस दौरान दिल्‍ली म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन का टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहा था.

विवेक ने 19 की उम्र में ये प्रोग्राम जॉइन किया. 25वें साल में विवेक को लगा उन्‍हें सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए. सिर पर छोटे भाई और बहनों के शादी की जिम्‍मेदारी भी थी.

2010 में पहली बार बिना तैयारी के यूपीएससी की परीक्षा दी थी और एक मौका ऐसे ही गंवा दिया. तब परीक्षा क्‍लीयर करने के चार मौके मिलते थे. 2011 में दूसरी बार दिया और इस बार प्रारंभिक परीक्षा में 7 अंकों से चूक गए. फिर तैयारी तेज कर दी. इस बार पत्नी और दोस्तों से भी मदद ली. उन्हें उम्‍मीद थी 216 स्‍कोर पाएंगे. लेकिन 206 अंक मिले, तब कटऑफ 209 रही. तीन नंबरों से चूक गए.

तीसरे अटेंप्ट के बाद वे काफी उदास हुए. निराश भी रहे. दोस्‍तों को डर था कोई गलत कदम ना उठा ले. कई दिनों तक दोस्‍त घर आकर हौसला देते रहे. चौथी बार में UPSC प्रीलिम्‍स में 232 स्‍कोर पाए. साल 2013 में कुछ अंकों से एक बार फिर कटऑफ में आने से रह गए. तब तक वे विवेक 30 साल के हो गए. टीचिंग में लौटने की ठान ली. तभी यूपीएससी ने घोषणा की, उम्‍मीदवार अब 32 साल की उम्र तक 6 बार यूपीएससी परीक्षा दे सकेंगे. दो और मौके मिले.

पांचवी बार में प्रारंभिक परीक्षा क्‍लीयर की. 6वीं बार में करो या मरो की स्‍थ‍िति थी. आखिरी मौके में उन्होंने ऑल इंडिया 300वीं रैंक हासिल की.

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First published: September 23, 2019, 6:16 AM IST
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