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Success Story: IAS बनने के लिए छोड़ी लाखों की नौकरी, पहली बार में सफल हुए धीरज कुमार सिंह

Success Story: धीरज कुमार सिंह डॉक्टरी छोड़कर आईएएस बने थे

Success Story: धीरज कुमार सिंह डॉक्टरी छोड़कर आईएएस बने थे

Success Story, IAS Dheeraj Kumar Singh: हर महीने लाखों रुपये कमाने का ऑप्शन हो तो उस ऑफर को छोड़ पाना आसान नहीं होता है. एमडी (MD) की डिग्री हासिल करने के बाद धीरज कुमार सिंह के पास मेडिकल फील्ड के शानदार ऑफर थे लेकिन उनका मन सिविल सर्विस पर अटक गया था. इसलिए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में शामिल होने का फैसला किया और अपने पहले ही प्रयास में सफल भी हो गए. जानिए आईएएस धीरज कुमार सिंह की सक्सेस स्टोरी (IAS Dheeraj Kumar Singh Success Story).

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नई दिल्ली (Success Story, IAS Dheeraj Kumar Singh). यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) को सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. इसमें सफल होने के बाद आईएएस (IAS Officer), आईपीएस, आईएफएस या आईआरएस जैसे पदों पर सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) हासिल की जा सकती है.

आईएएस धीरज कुमार सिंह (IAS Dheeraj Kumar Singh) उन भाग्यशाली ऑफिसर्स में शामिल हैं, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. एमबीबीएस (MBBS) और एमडी (MD) की पढ़ाई पूरी करने के बाद धीरज कुमार सिंह सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे. इसके लिए उन्होंने हर महीने के लाखों वाले पैकेज की नौकरी भी ठुकरा दी थी.

धीरज ने BHU से की पढ़ाई
आईएएस धीरज कुमार सिंह (IAS Dheeraj Kumar Singh) पढ़ाई में काफी होशियार थे. उनकी शुरुआती पढ़ाई हिंदी मीडियम में हुई थी. कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल करने के बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई की थी. डॉक्टर की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अपनी एमडी (MD) की पढ़ाई भी बीएचयू (BHU) से पूरी की थी.

एक फैसले से बदली ज़िंदगी
धीरज कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं. उनकी मां गांव में रहती थीं और पिता दूसरे शहर में नौकरी कर रहे थे. मां की तबियत अक्सर खराब रहने के कारण धीरज को कोर्स के बीच में गांव जाना पड़ता था. ऐसे में उन्होंने अधिकारियों से पिता का ट्रांसफर होमटाउन में करवाने की गुजारिश की. लेकिन वहां किसी ने उनकी बात नहीं सुनी. फिर उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया.

ठुकरा दी लाखों की नौकरी
आईएएस धीरज कुमार सिंह (IAS Dheeraj Kumar Singh) के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. जब उन्होंने घरवालों को यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) के बारे में बताया तो सभी ने उनका विरोध किया. लेकिन वो अपने फैसले पर अडिग थे. सिविल सर्विस के लिए धीरज ने 5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी का ऑफर भी ठुकरा दिया था.

खुद से किया था वादा
धीरज कुमार सिंह खुद को सिर्फ एक मौका देना चाहते थे. इसलिए उन्होंने ठान लिया था कि अगर पहले प्रयास में वो असफल हो जाएंगे तो फिर डॉक्टरी पर ही ध्यान देंगे. लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और साल 2019 की यूपीएससी परीक्षा (UPSC CSE 2019) में 64वीं रैंक (IAS Dheeraj Kumar Singh Rank) हासिल कर वो आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बन गए.

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Tags: BHU, IAS Officer, Success Story, Upsc exam

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