MP Board 10th Result: छठी कक्षा में सि‍र से उठा प‍िता का साया, मां से प्रेरणा लेकर बेटी बनी टॉपर

MP Board 10th Result: छठी कक्षा में सि‍र से उठा प‍िता का साया, मां से प्रेरणा लेकर बेटी बनी टॉपर
कर्ण‍िका म‍िश्रा ने पहला रैंक प्राप्‍त क‍िया है.

MP Board 10th Result: कर्ण‍िका जब 6वीं कक्षा में थीं, तभी उनके प‍िता का देहांत हो गया. उनकी मां ने ही उन्‍हें प‍िता का भी प्‍यार द‍िया.

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MP Board 10th Result: एमपी बोर्ड की कक्षा दसवीं के रिजल्ट में छात्र-छात्रों ने कमाल किया है. 15 छात्रों ने पहला रैंक हास‍िल क‍िया है. भोपाल की रीमा विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कर्णिका मिश्रा ऐसी छात्रा है, जिन्होंने अपनी मां और नानी के सपनों को साकार किया है. कर्णिका मिश्रा के पिता नहीं है. कर्ण‍िका मिश्रा की मां ने ही पिता बनकर कर्णिका की परवरिश की है. कर्णिका ने मां के संघर्ष और मेहनत को आज मेरिट में पहले स्थान पर आकर सफल कर दिया है. कर्ण‍िका आगे एमपी पीएससी पास करना चाहती हैं. इसके लिए पीसीएम विषय से आगे की पढ़ाई करेंगी. बता दें क‍ि केबिनेट मंत्री विश्वास सारंग उनके कोचिंग का खर्चा उठाएंगे.

प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं कर्णिका की मां
राजधानी भोपाल के रीमा विद्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा कर्णिका मिश्रा ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है. कर्णिका ने 300 में से 300 नंबर हासिल किए हैं. दरअसल मेरिट लिस्ट में पहले पायदान पर जगह हासिल करने के लिए कर्णिका ने दिन-रात मेहनत की है. कर्णिका की सफलता के पीछे उनकी मां की मेहनत भी है. दरअसल कर्णिका जब छठी क्लास में थी तभी पिता का साया सिर से उठ गया था. कार्णिक की मां ने ही पिता और मां बनकर कर्णिका की परवरिश की. कर्णिका की दिनभर दफ्तर में कामकाज में व्यस्त रहती है तो नानी ने ही कार्णिक की पढ़ाई की ज़िम्मेदारी संभाली. स्कूल जाने से लेकर उनके खाने-पीने,जागने सोने का भी नानी ने पूरा ध्यान रखा.

कर्णिका ने 8 से 10 घंटे की पढ़ाई
कर्णिका का कहना है कि कभी नहीं सोचा था कि मेरिट लिस्ट में पहले स्थान पर जगह बनाएंगी. हालांकि 90% लाने का लक्ष्य रखा था और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी कर रही थी. सुबह उठकर ज्यादा पढ़ाई नहीं की, लेकिन एग्जाम के 3 से 4 महीने पहले 7 से 8 घंटे रोजाना पढ़ाई की है. गणित(मैथ्स) पसंदीदा विषय है. हर सब्जेक्ट पर फोकस रहा. किसी एक विषय पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. सारे सब्जेक्ट के लिए हर घंटे डिवाइड करके पढ़ाई की. सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना के बराबर ही किया. लेकिन हर त्योहार हर फंक्शन पर एंजॉय किया. मासी की शादी में जाने के चलते पढ़ाई के टाइम टेबल में थोड़ा बदलाव करना पड़ा. शादी के बाद हर सब्जेक्ट को 2 से 3 घंटे ज्यादा दिए. मां और नानी के सपनों को साकार करने पर ही सबसे ज्यादा खुशी मिलेगी. आज मां और नानी की खुशी देखकर बहुत ज्यादा खुशी महसूस हो रही है.
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