Success Story : बड़े भाई की 11 और छोटे की 6 बार लगी सरकारी नौकरी, जानें सक्सेस मंत्र

सीकर जिले के गांव किरडोली निवासी महेंद्र तानाण का 2010 में पहली बार एसएससी एमटीएस रेलवे में सलेक्शन हुआ था.

सीकर जिले के गांव किरडोली निवासी महेंद्र तानाण का 2010 में पहली बार एसएससी एमटीएस रेलवे में सलेक्शन हुआ था.

Success Story : सरकारी नौकरी हासिल करने की चाहत कई लोगों की होती है. कई प्रयासों के एक बार भी नौकरी लग जाना बड़ी बात समझी जाती है. लेकिन राजस्थान के सीकर जिले के दो भाइयों राकेश तानाण और महेंद्र तानाण 11 और 6 सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2021, 9:00 AM IST
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नई दिल्ली. सरकारी नौकरी के लिए कड़ी स्पर्धा के बीच किसी का एक बार भी फाइनल सेलेक्शन हो जाना बड़ी बात समझी जाती है. लेकिन राजस्थान के दो भाइयों ने सरकारी नौकरी में चयनित होने का रिकॉर्ड ही बना दिया है. बड़े भाई को 11 और छोटे भाई की 06 सरकारी नौकरियों में चयन हो चुका है. यह कहानी है राजस्थान के सीकर जिले के गांव किरडोली निवासी राकेश तानाण और महेंद्र तानाण की. बड़े भाई राकेश तानाण की महज 29 वर्ष की उम्र में 11 सरकारी नौकरियों के लिए चयन हो चुका है. वह वर्तमान में गांव रसीदपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में द्वितीय श्रेणी के शिक्षक पद पर कार्यरत हैं. उनकी पत्नी मीना जाखड़ भी शिक्षिका हैं. जबकि छोटे भाई महेंद्र तानाण इस वक्त ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत हैं. उनका इस पद पर चयन 2017 में हुआ था.

राकेश कुमार की 11 सरकारी नौकरियां

1. 2010 में पहली बार एसएससी एमटीएस रेलवे में सलेक्शन हुआ

2. 2011 में एसएससी आर्मी की परीक्षा पास की
3. 2011 में टेट और सीटेट की परीक्षा में सफलता हासिल की

4. 2011 में एसएससी स्टेनोग्राफर की परीक्षा पास की

5. 2011 में एसएससी की एक और परीक्षा पास की



6. 2012 में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की

7. 2013 में फिर थर्ड ग्रेड की परीक्षा दी

8. 2013 में सैंकेड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुए और सीकर में ज्वाइन किया

9. 2015 में प्रथम श्रेणी व्याख्याता भर्ती पास कर बांसवाड़ा में पोस्टिंग पाई लेकिन ज्वाइन नहीं किया

10. 2018 में प्रथम श्रेणी ​व्याख्याता परीक्षा राजनीतिक विज्ञान से उत्तीर्ण की

11. 2018 में ही प्रथम श्रेणी ​व्याख्याता परीक्षा अंग्रेजी विषय से भी पास की

महेंद्र की 2013 में लगी थी पहली नौकरी

छोटे भाई 25 वर्षीय महेंद्र कुमार तानाण की पहली नौकरी 2013 में लगी थी. उन्होंने एलडीसी की परीक्षा पास की थी. इसके बाद वह 2015 में रेलवे स्टेशन मास्टर, 2016 में पटवारी बने. 2016 में ही उन्होंने आरआरबी एनटीपीसी की भी परीक्षा पास की. इसके बाद 2017 में ग्राम सेवक और 2018 में द्वितीय श्रेणी शिक्षक के पद पर चयनित हुए. वह फिलहाल ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत हैं.

करते हैं टॉपिक क्लीयर

दोनों भाई राकेश और महेंद्र बताते हैं कि उनकी शुरू से ही पढ़ाई में रुचि थी. घर पर कमरे में कुंडी लगाकर घंटों पढ़ाई किया करते थे. राकेश बताते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्होंने कभी कोचिंग नहीं की. दोनों भाइयों की सफलता का मंत्र है कि किसी भी टॉपिक को पूरी हर क्लीयर कर लिया जाए. वे नोट्स तैयार करते है और फिर उसे अपडेट करते रहते हैं.

सोशल मीडिया से रखते हैं दूरी

राकेश तानाण बताते हैं कि दोनों भाई सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं हैं. राकेश ने सोशल साइट का इस्तेमाल आखिरीबार 2013 में किया था. अब दोनों भाई आरएएसस और आईएएस की तैयारियां कर रहे हैं. राकेश कहते हैं कि वे लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव होते तो शायद ही यह कामयाबी मिलती.

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