Success Story: तीन बार हुए फेल, चौथी बार UPSC में टॉपर बने आनंद

Success Story: यूपीएससी टॉपर की कहानी

Success Story: सक्सेस स्टोरी के अपने इस सेक्शन में आज हम बात कर रहे हैं बिहार के आनंद वर्धन (Anand Vardhan) की. आनंद यूपीएससी की तैयारी कर रहे नए युवाओं के लिए वाकई प्रेरणा (Inspiration) और एक मिसाल हैं.

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    तीन बार सिविल सर्विसेज (Civil Services) के लिए तैयारी की, लेकिन तीनों बार प्रीलिम्स (Prelims)  क्लियर  नहीं हो सका. लेकिन न हिम्मत हारी और न मेहनत छोड़ा. चौथी बार फिर प्रयास (Attempt) किया और इस बार प्रीलिम्स क्या, सीधे यूपीएससी (UPSC) में टॉप (Top) कर दिया. सक्सेस स्टोरी के अपने इस सेक्शन में आज हम बात कर रहे हैं बिहार (Bihar) के आनंद वर्धन (Anand Vardhan) की. आनंद यूपीएससी की तैयारी कर रहे नए युवाओं के लिए वाकई प्रेरणा (Inspiration) और एक मिसाल हैं. चलिए जानते हैं आनंद वर्धन की सफलता की कहानी (Success Story).

    बिहार के सिवान जिले से है नाता:
    आनंद वर्धन बिहार (Bihar) के सिवान (Siwan) जिले से ताल्लुक रखते हैं. उनकी शुरुआती शिक्षा सिवान से ही हुई. इसके बाद आनंद ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से इंजीनियरिंग (Engineering) की डिग्री (Degree) ली. आनंद पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे. डिग्री के तुरंत बाद उन्हें अच्छी जॉब (Job) भी मिल गई. जॉब करने के दौरान ही उनके मन में यूपीएससी (UPSC) क्लियर करने का खयाल आया. इसके चलते उन्होंने नौकरी करते-करते सिविल सर्विसेज की तैयारी करने के लिए यूपीएससी की वीकेंड क्लासेज जॉइन कर ली.

    तीन बार हुए फेल:
    आनंद वर्धन जॉब के साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे. इसके चलते उन्हें पढ़ाई (Study) का पूरा समय नहीं मिल पाता था. इसके चलते वे शुरुआती तीन प्रयासों में फेल (Fail) भी हुए. यहां तक कि वे तीनों बार प्रीलिम्स (Prelims) तक क्लियर नहीं कर सके. लेकिन न उन्होंने हिम्मत हारी और न ही अपनी मेहनत छोड़ी. वे तैयारी करते रहे. इसका नतीजा ये हुआ कि चौथी बार में आनंद ने न सिर्फ प्रीलिम्स क्लियर किया, बल्कि वे यूपीएससी के टॉपर्स (Toppers) में शुमार हुए.

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    सही गाइडेंस है जरूरी:
    आनंद वर्धन सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कोचिंग (Coaching) से ज्यादा सही गाइडेंस (Guidance) को जरूरी मानते हैं. उनका कहना है कि उनका परिवार और शिक्षक हमेशा उनके साथ खड़े थे. इसलिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी. कोचिंग किसी के लिए जरूरी है और किसी के लिए नहीं. लेकिन हर किसी मे सेल्फ कॉन्फिडेंस (Self Confidence) होना जरूरी है. तभी आप मुश्किलों से पार पा सकते हैं.

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