SUCCESS STORY: छोटे भाई के हौसले से MBBS बहन रेहाना बनी IAS

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Updated: August 20, 2019, 8:05 PM IST
SUCCESS STORY: छोटे भाई के हौसले से MBBS बहन रेहाना बनी IAS
रेहाना बशीर IAS बनने वाली जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले की पहली बेटी हैं.

नवंबर 2016 में इंटर्नशिप के साथ साथ जब काम करना शुरू करने के बाद रेहाना जमीनी हकीकत को समझ पाई. उन्हें समझ आया कि डॉक्टर होने के अलावा कुछ और करना चाहतीं हैं.

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SUCCESS STORY: न्यूज18 हिंदी आपको हर दिन यूपीएससी, सिविल सेवा परीक्षा क्लीयर करने वाली एक हस्ती की सक्सेस स्टोरी से रूबरू कराता है. इस कहानी में मिलिए रेहाना बशीर से. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सर्विस की परीक्षा 2018 में जम्मू-कश्मीर की रेहाना बशीर ने 187वीं रैंक हासिल की है. रेहाना पुंछ जिले के गांव सलवा की हैं. रेहाना ने शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस किया है. वे पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं. रेहाना के छोटे भाई अमित बशीर भी यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास कर चुके हैं. उनकी नियुक्ति आयकर विभाग में है, भारतीय राजस्व अधिकारी हैं.

फैसले पर सवाल 
रेहाना ने दूसरी बार में यूपीएसई की परीक्षा पास की है. पहला प्रयास साल 2017 में किया था. एग्जाम के लिए तैयारी करने में रेहाना के छोटे भाई ने मदद और मार्गदर्शन किया. तैयारी के दौरान कई बार रेहाना ने अपने फैसले पर सवाल किया, लेकिन दोस्त और परिवार लक्ष्य के बारे में याद दिलाते रहते. मेडिकल की पढ़ाई के बाद सिविल सर्विस में जाने के फैसला रेहाना ने इसलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा वो सरकार का हिस्सा बनकर लोगों की बेहतर सेवा कर सकती हैं.

कॉलेज के वक्त उनकी दुनिया किताबों में सिमट गई थी. नवंबर 2016 में इंटर्नशिप के साथ साथ जब काम करना शुरू करने के बाद रेहाना जमीनी हकीकत को समझ पाई. उन्हें समझ आया कि डॉक्टर होने के अलावा कुछ और करना चाहतीं हैं. डॉक्टर के तौर पर वह केवल मरीज का इलाज कर सकती हैं, उनकी समस्याओं को हल नहीं कर सकती. ऐसे कई मुद्दे हैं जो स्वास्थ्य समस्याओं को हल करते हैं, जैसे पीने के साफ पानी की पहुंच, बेहतर सड़कें, अच्छा भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य.

दादी के साथ रेहाना (Image- Facebook)


रेहाना को जो भी प्रोजेक्ट दिया जाएगा. वह उस क्षेत्र के बारे में पढ़ने, जमीनी वास्तविकताओं को जानने, नीति कार्यान्वयन का हिस्सा बनने की योजना बनाएंगी. रेहाना खुशी से अपने देश के किसी भी राज्य में काम करने के लिए तैयार हैं. वे केवल कश्मीर तक ही सीमित नहीं. अपने देश की सेवा करना चाहती हैं.

यूपीएसई की सिविल सेवा परीक्षा 2018 पास करने वाले जम्मू-कश्मीर के कैंडीडेट्स
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यूपीएसई की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में कुल 759 परीक्षार्थी सफल हुए हैं. इनमें से 7 कैंडीडेट्स जम्मू-कश्मीर से हैं. रेहाना बशीर ने 187वीं रैंक पाई.

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First published: August 20, 2019, 8:05 PM IST
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