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Success Story: बार-बार फेल होने वाला ये स्‍टूडेंट बना UPSC टॉपर, जानिये कैसे

News18Hindi
Updated: November 2, 2019, 5:43 AM IST
Success Story: बार-बार फेल होने वाला ये स्‍टूडेंट बना UPSC टॉपर, जानिये कैसे
वैभव छाबड़ा ने IES 2018 में AIR 32 हासिल की.

वैभव शुरुआत से पढ़ाई बेहद साधारण स्टूडेंट रहे. उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट से बीटेक में 56 प्रतिशत नंबर हासिल किए, लेकिन इसके बाद वैभव ने IES 2018 में अच्छी रैंक हासिल की.

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  • Last Updated: November 2, 2019, 5:43 AM IST
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Success Story: UPSC (Union Public Service Commission) यानी संघ लोक सेवा आयोग का सिविल सर्विस एग्जाम देश के प्रतिष्ठित एग्जाम्स में से एक है. सिविल सर्विस एग्जाम के लिए हर साल लगभग 10 लाख आवेदन किए जाते हैं. जिसमें से लगभग 1 हजार सेलेक्ट होते हैं. हर उम्मीदवार पहले प्रयास में परीक्षा को क्रैक करना चाहता है, लेकिन वास्तव में बहुत कम ऐसा कर पाते हैं. सिविल सर्विस एग्जाम पास करने का सक्सेस रेट 0.2% है. 1000 में 2 लोग इस एग्जाम को क्लियर कर पाते हैं. आज की Success Story भी ऐसे उम्मीदवार की है, जो एस एग्जाम में बार-बार फेल हुआ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और फिर 2018 में उन्हें सफलता मिली.

ये कहानी है वैभव छाबरा की. वैभव ने 2018 में IES (Indian Engineering Services) exam क्वालिफाई किया. इस एग्जाम को Engineering Services Exam (ESE) भी कहा जाता है. ये नेशनल लेवल रिक्रूटमेंट एग्जाम यूपीएसीस द्वारा ही आयोजित किया जाता है. वैभव ने IES 2018 में AIR 32 हासिल की.

वैभव शुरुआत से पढ़ाई बेहद साधारण स्टूडेंट रहे. उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट से बीटेक में 56 प्रतिशत नंबर हासिल किए. पढ़ाई में उन्हें कुछ खास दिलचस्पी नहीं थी. बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दो साल तक कोचिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ाया. इसी दौरान उन्हें लगा वे जहां हैं, उससे बेहतर कर सकते हैं. बीएसएनएल में जॉब भी की. एक वक्त के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करना तय किया. उन्हें सलाह दी गई नौकरी छोड़कर ये करना मुश्किल है. लेकिन उन्होंने हर नकारात्मक खयाल को पीछे छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की.

शुरुआत में पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाए. मन नहीं लगा. लेकिन कहते हैं जिस चीज को पूरी शिद्दत से चाहो उसे पाने के लिए इंसान हर नमुमकिन को मुमकिन कर देता है. शुरुआत में उन्होंने कुछ घंटे पढ़ना शुरू किया. धीरे-धीरे पढ़ाई का समय बढ़ाया. लाइब्रेरी जाना शुरू किया. पढ़ाई में दिलचस्पी बढ़ती गई. 12 घंटे तक लाइब्रेरी में पढ़ने लगे. जितना ज्यादा पढ़ा, एक वक्त के बाद सब कुछ और भी ज्यादा मुश्किल लगा. इस दौरान पीठ पर चोट लगी. जिस दौरान वे 7-8 महीने बेड पर रहे.

7-8 महीने बेड पर रहने के बावजूद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी. बेड पर ही लेटे-लेटे पढ़ाई जारी रखी. इरादा पक्का था, उन्हें यूपीएससी एग्जाम क्रैक करना है. लगातार कोशिशों के बाद साल 2018 में उन्हें सफलता मिली. वैभव ने IES 2018 में AIR 32 हासिल की. जोश टॉक्स के मुताबिक ये मुकाम हासिल करने से पहले वे 8 बार फेल हुए.


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First published: November 2, 2019, 5:43 AM IST
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