4 महीने से बंद हैं स्कूल, टीचर्स को एयरपोर्ट के काम में लगाया, बवाल

4 महीने से बंद हैं स्कूल, टीचर्स को एयरपोर्ट के काम में लगाया, बवाल
शिक्षकों पर विदेश से आये व्यक्तियों को हवाई अड्डे से लाने का जिम्मा.

शिक्षकों के साथ हो रहे इस बर्ताव को लेकर सरकार पूरी तरह घिर गई है. शिक्षकों को विदेश से आये व्यक्तियों को हवाई अड्डे से लाने का जिम्मा दिया है.

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कोविड-19 महामारी के चलते पारंपरिक शिक्षण गतिविधियां ठप्प हैं. पंजाब की शिक्षक बिरादरी और विपक्षी पार्टियों ने लुधियाना में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विदेश से आये व्यक्तियों को हवाई अड्डे से कोरोना वायरस पृथक-वास केंद्रों पर पहुंचाने का काम सौंपा गया है.

निर्णय की कड़ी निंदा
प्रशासन के इस निर्णय की कड़ी निंदा की जा रही है. इसे ‘अतार्किक और असंगत’ निर्णय करार देते हुए शिक्षक संघ तथा शिरोमणि अकाली दल (शिअद), उसकी सहयोगी भाजपा और आम आमदी पार्टी (आप) ने इस फैसले को वापस लेन की मांग की.

डेमेाक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (पंजाब) के अध्यक्ष दविंदर सिंह पुनिया ने कहा, लुधियाना में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को विदेश से आये व्यक्तियों को हवाई अड्डे से कोरोना वायरस पृथक-वास केंद्रों पर पहुंचाने को कहा गया है. हम इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हैं.
शिक्षकों के प्रति सरकार का नकारात्मक रवैया


आप विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि इससे अध्यापन एवं शिक्षकों के प्रति सरकार का नकारात्मक रवैया झलकता है. उन्होंने कहा, पहले शिक्षकों को अवैध शराब की आपूर्ति रोकने के लिए मद्यशालाओं पर लगाया गया था जो पुलिस और आबकारी विभाग कर सकते थे. उसके बाद उन्हें अवैध खनन रोकने पर तैनात किया गया.

पहले भी इन अजीब कामों में लगाई ड्यूटी
पहले गुरदासपुर में शिक्षकों को शराब बनाने के केंद्रों पर तथा फगवाड़ा में खनन रोकने के लिए तैनात किया गया था. शिक्षकों एवं विपक्षी दलों की आलोचना के बाद ये दोनों निर्णय वापस ले लिये गये थे. अरोड़ा ने कहा, अब नये आदेश के अनुसार स्कूल के शिक्षकों को प्रवासी भारतीयों को हवाई अड्डे से पृथक वास केंद्रों पर लाने को कहा गया है. यह अतार्किक और असंगत फैसला वापस लिया जाए.

भाजपा नेता तरूण चुग ने कहा, यह दर्शाता है कि यह दिग्भ्रमित सरकार है. उसे पता नहीं है कि शिक्षकों से क्या कार्य लिया जाना चाहिए जिन पर विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है.

ऑनलाइन अध्यापन शुरू
इसी बीच पंजाब सरकार ने एनीमेशन वीडियो के मार्फत विद्यार्थियों को पढ़ाने-लिखाने की पहल शुरू की है. स्कूली शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पंजाब कोविड-19 महामारी के दौरान विद्यार्थियों के ऑनलाइन अध्यापन का अभियान पहले ही शुरू कर चुका है. प्रवक्ता ने कहा कि विभाग ने अब एनीमेशन वीडियो के मार्फत विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने की कोशिश शुरू की है.

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उन्होंने कहा, ‘इसका लक्ष्य विद्यार्थियों का मनोरंजन करना तथा अध्ययन की ओर उनका ध्यान खींचना है ताकि वे पढ़ाई-लिखाई के दौरान उबे नहीं. प्रवक्ता के अनुसार ये एनीमेशन वीडियो शिक्षकों द्वारा तैयार किये जा रहे हैं और उसमें आईटी शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है.
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