बड़ी बात : लॉकडाउन खुलने के बाद स्कूलों में इन 5 नए तरीकों से होगी पढ़ाई!

बड़ी बात : लॉकडाउन खुलने के बाद स्कूलों में इन 5 नए तरीकों से होगी पढ़ाई!
माना जा रहा है कि देशभर में अगस्त से स्कूल खोले जा सकते हैं.

ढाई महीने से भी ज्यादा समय तक बंद रहने के बाद अब स्कूलों को खोलने को लेकर कई राज्यों में सक्रियता काफी बढ़ गई है.

  • Share this:
नई दिल्ली. देशभर में अब जबकि स्कूल खुलने का सिलसिला जारी होता नजर आ रहा है, ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर भी टिकी हैं कि आखिर कोरोना वायरस (Coronavirus) के इस दौर में अब पढ़ाई का तरीका किस कदर बदल जाएगा. ऐसे में जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूल-कॉलेज (School-College) खोलने को लेकर योजनाएं बनाई जा रहीं हैं तो हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि लॉकडाउन (Lockdown) खुलने के बाद जब आपका बच्चा स्कूलों में पढ़ाई करने जाएगा तो उसके लिए हालात कैसे रहेंगे. हम ये भी बताएंगे कि मौजूदा हालात में स्कूलों में पढ़ाई के क्या-क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के इस दौर में पेरेंट्स के मन में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब तलाशने की कोशिशों में वे जुटे हुए हैं. बेशक इस तरह की खबरें लगातार सामने आ रहीं हैं कि स्कूल-कॉलेज (School-College) दोबारा खुलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और मास्क पहनना अनिवार्य होगा. मगर क्या बच्चों से भरे क्लासरूम में ऐसा कर पाना इतना आसान होगा. आइए, नजर डालते हैं, ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब पर.

1. मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट
अगर किसी क्लास में 40 बच्चे हैं तो स्कूल दोबारा खुलने पर उस क्लास में 20 बच्चों को ही बैठाना संभव होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी बेहद जरूरी है. लेकिन इसमें एक तो इंफ्रास्ट्रक्चर की दिक्कत होने की आशंका है और दूसरी टीचर्स की कमी आड़े आ सकती है. क्लास को आधे हिस्सों में बांटने का मतलब हुआ कि आपको दोगुने क्लासरूम और दोगुने टीचर्स चाहिए होंगे. ऐसे में ​आधे बच्चों की पढ़ाई मार्निंग शिफ्ट और आधे बच्चों की ईवनिंग शिफ्ट में कराकर इसका हल निकाला जा सकता है.
2. ऑनलाइन-ऑफलाइन क्लासरूम


इस व्यवस्था में 50 प्रतिशत बच्चों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाया जा सकता है और बाकी 50 प्रतिशत को ऑफलाइन माध्यम यानी क्लासरूम में. इससे स्कूलों पर इंफ्रास्ट्रकर का अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा.

3. छह दिन पढ़ाई
ऑनलाइन स्टडी (Online Study) के बावजूद स्कूलों में पढ़ाई का काफी नुकसान हो चुका है. इसकी भरपाई के लिए स्कूल हफ्ते में पांच की बजाय छह दिन पढ़ाई कराने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं. हालांकि अभी ये तय नहीं है कि ये फॉर्मूला बच्चों पर भी लागू होगा या सिर्फ स्कूल के अन्य स्टाफ पर.

4. ऑड-ईवन
ये फॉर्मूला प्रदूषण से निपटने में तो कारगर साबित होता नजर आया था और फिलहाल कोरोना के खिलाफ जंग में दिल्ली में दुकानों को खोलने के लिए भी इसी फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन स्कूलों के मामले में इस पर किस तरह काम किया जाएगा, ये देखने वाली बात होगी. हालांकि इससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किए जाने की योजना है.

5. ट्रांसपोर्ट
कई स्कूल स्कूल ट्रांसपोर्ट को सीमित करने पर भी विचार कर रहे हैं. इस स्थिति में पेरेंट्स से कहा जा सकता है कि अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की जिम्मेदारी वे खुद उठाएं. खासकर इसलिए क्योंकि छोटे बच्चों को एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकना बिल्कुल आसान नहीं है. स्कूल बसों में तो ये और भी मुश्किल है.

HRD मंत्री ने की बड़ी घोषणा, छात्र अपने ही शहर में दे पाएंगे बोर्ड एग्जाम

मई अंत तक आना था गुजरात बोर्ड 10वीं का र‍िजल्‍ट, मगर अब होगी इतनी देरी!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading