DU Admisaions: EWS और OBC के हज़ारों छात्रों पर मंडरा रहा कैटेगरी से बाहर होने का खतरा

DU Admisaions: EWS और OBC के हज़ारों छात्रों पर मंडरा रहा कैटेगरी से बाहर होने का खतरा
दिल्ली विश्वविद्यालय में ओबीसी छात्र-छात्राओं के सामने आ गई है एक समस्या

कोरोना लॉकडाउन के चलते नहीं बन पाए हैं ईडब्ल्यूएस और ओबीसी सर्टिफिकेट, आखिर कैसे होगा डीयू में एडमिशन

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नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. डीयू में चल रहे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान ही करीब 25 हज़ार सीटों पर दाखिले की दौड़ में शामिल हज़ारों छात्रों के सामने मुश्किल खड़ी हो गयी है. इन छात्रों के ऊपर केटेगरी से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है. हाल ही में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे सैकड़ों छात्रों ने अपने सामने आई इस मुश्किल को लेकर डीयू प्रशासन से शिकायत भी की है. लेकिन दस्तावेज न होने की स्थिति में कोटे का लाभ मिलना भी मुश्किल है.

बता दें कि डीयू में ईडब्ल्यूएस कोटे और ओबीसी केटेगरी के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को एडमिशन फॉर्म में 31 मार्च के बाद बनवाया हुआ सर्टिफिकेट लगाना होता है. अगर छात्रों के पास सर्टिफिकेट नहीं है तो उसके लिए अप्लाय करने की स्लिप या एप्लिकेशन अपलोड करनी अनिवार्य है, लेकिन देशभर में कोरोना के चलते मार्च में हुए लॉकडाउन के चलते सर्टिफिकेट नहीं बन पाए. साथ ही अभी भी कई जगहों पर पोर्टल के न खुलने से सर्टिफिकेट बनवाने में समस्याएं आ रही हैं. लिहाजा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में केटेगरी का ऑप्शन होने पर भी रजिस्ट्रेशन जनरल केटेगरी में हो रहा है.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में डीन, एडमिशन कमेटी डॉ. शोभा बागई ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लंबे समय से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान ही ओबीसी सर्टिफिकेट को अपलोड करना होता था, वही एडब्ल्यूएस केटेगरी के साथ है. शिकायत आ रही है कि छात्रों के पास लॉकडाउन के चलते सर्टिफिकेट्स नहीं हैं, हालांकि  यूनिवर्सिटी ने गाइडलाइन्स में कहा है कि छात्र अपना पुराना या पिछले साल का सर्टिफिकेट या सर्टिफिकेट ऑनलाइन अप्लाय करने के बाद उसकी एप्लिकेशन की कॉपी प्रूफ के लिए लगा सकते हैं, ताकि इनका रजिस्ट्रेशन उसी केटेगरी में हो सके. अगर रजिस्ट्रेशन के दौरान सर्टिफिकेट अपलोड के कॉलम को खाली छोड़ दिया जाएगा तो छात्र का रजिस्ट्रेशन जनरल केटेगरी में अपने आप पहुंच जाएगा. ऐसे में यहां ध्यान देने की ज़रूरत है.
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हजारों छात्रों के सामने ओबीसी सर्टिफिकेट की समस्या


डॉ. शोभा कहती हैं कि कोटे के लाभ लेने के लिए छात्रों को दाखिले के लिए अपने दस्तावेज तैयार करके रखने चाहिए. हालांकि कई राज्यों में ऑनलाइन ईडब्ल्यूएस और ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाने की सुविधा नहीं है लिहाजा उन छात्रों को मुश्किल आ सकती है.

ईडब्ल्यूएस की 10 फीसदी सीटें जबकि ओबीसी की 27 फीसदी सीटों का है मामला

डीयू में 10 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हैं, जबकि 27 फीसदी सीटें ओबीसी के लिए चिह्नित हैं. दिल्ली विश्विद्यालय में अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में 70 हज़ार सीटों पर दाखिले होने हैं. गौरतलब है कि यूजीसी के आदेश के बाद पिछले साल करीब 15 फीसदी सीटें बढ़ाई गई थीं.

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बाहरी छात्रों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में भी आ रहीं दिक्कतें

डीयू एडमिशन कमेटी और छात्रों की ओर से बताया गया कि बाहरी राज्यों से एडमिशन लेने आने वाले छात्रों को भी रजिस्ट्रेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगहों पर इंटरनेट की कमी भी समस्या बन रही है वहीं कोटे का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों के न बन पाने की भी दिक्कतें आ रही हैं. जबकि डीयू की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है.

एंट्रेंस एग्जाम आधारित कोर्स के लिए अलग से भरना होगा फार्म

डीयू की ओर से सूचना बुलेटिन में बताया गया है कि जो छात्र प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्स में रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं उनको इसी पोर्टल पर अलग से आवेदन करना होगा. यह प्रवेश परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा दिल्ली के 20 जगहों पर आयोजित कराई जाएगी.

 
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