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तीन तलाक अब कोर्स में होगा शामिल, एजुकेशन काउंसिल को भेजा प्रस्‍ताव

तीन तलाक अब कोर्स में होगा शामिल, एजुकेशन काउंसिल को भेजा प्रस्‍ताव

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

यूनिवर्सिटी तीन तलाक को समाजशास्‍त्र विषय में शामिल करने पर विचार कर रही है. इस बारे में विभागध्‍याक्ष का कहना है कि छात्र-छात्राओं को तीन तलाक जैसी कुरीतियों के बारे में जानना चाहिए.

    तीन तलाक पर देश भर में छिड़ी बहस के बीच में अब इसके साथ नया अध्‍याय जुड़ने जा रहा है. दरअसल लखनऊ  यूनिवर्सिटी इसे बतौर कोर्स के रूप में शामिल किया जा रहा है. जी हां इसके लिए विश्वविद्यालय ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए एजुकेशन काउंसिल को भी भेज दिया गया है. अगर इस पर एजुकेशन काउंसिल की सहमति मिलती है तो अगले सत्र से इसकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी.

    यूनिवर्सिटी इसे समाजशास्‍त्र विषय में शामिल करने पर विचार कर रही है. वहीं इस इस बारे में यूनिवर्सिटी के समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष बीआर साहू ने कहा कि छात्र-छात्राओं को  तीन तलाक जैसी कुरीतियों के बारे में जानना चाहिए. हम पाठ्यक्रम में तीन तलाक पर केंद्र सरकार द्वारा बनाए जान वाले कानून को भी शामिल करेंगे.

    उन्होंने कहा कि कानून एवं समाज का गहरा नाता है. कानून सीधे-सीधे समाज को प्रभावित करता है. ट्रिपल तलाक बिल का भी निश्चित तौर पर मुस्लिम समाज पर प्रभाव पड़ेगा. विभागध्‍यक्ष को इस बात का यकीन है कि अगर एजुकेशन काउंसिल इस साल इसकी मंजूरी दे देगा तो अगले सत्र से इसकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी.

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन तलाक पर कांग्रेस से समर्थन देने को कहा है. मोदी ने कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के दो मौके पहले ही गंवा चुकी है. तीन तलाक बिल उनके लिए तीसरा मौका है. मोदी ने यह बात बजट सत्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब में कही.

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    Tags: Congress, Modi government, Narendra modi, Rahul gandhi, Triple talaq, Triple Talaq Bill, Triple talaq in india, Triple talaq in islam, Triple Talaq row, Youth congress

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