ऑनलाइन सुविधा से वंचित छात्रों के लिए त्रिपुरा सरकार ने शुरू की 'नेबरहुड क्लास', जानिए क्या है

‘नेबरहुड क्लास’ स्कूलों के पास खुले स्थानों पर होंगी.

‘नेबरहुड क्लास’ स्कूलों के पास खुले स्थानों पर होंगी और एक शिक्षक अधिकतम पांच छात्रों को पढ़ाएगा तथा इस दौरान भौतिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा.

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    नई दिल्ली. त्रिपुरा सरकार ने उन स्कूली छात्रों के लिए ‘नेबरहुड क्लास’ शुरू करने का निर्णय किया है जिनके पास ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने वाले टेलीविजन, कंप्यूटर और मोबाइल फोन जैसे माध्यम नहीं हैं. इनमें अधिकतर दूरदराज के क्षेत्रों से संबंध रखने वाले छात्र शामिल हैं. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. उन्होंने कहा कि इस तरह की कक्षाएं 20 अगस्त से शुरू होंगी.

    ऑनलाइन कक्षाएं 
    मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के बाद राज्य सरकार ने केबल टीवी नेटवर्क और एंड्रॉइड फोन के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की थीं जिससे कि छात्रों की पढ़ाई पर असर न पड़े.

    छात्रों की पहुंच फोन और टेलीविजन तक नहीं 
    अधिकारी ने कहा, ‘‘लेकिन हाल में राज्य शिक्षा विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया कि सभी छात्रों की पहुंच फोन और टेलीविजन तक नहीं है. इसलिए सरकार ने आगामी 20 अगस्त से ‘नेबरहुड क्लास’ शुरू करने का निर्णय किया है.’’ यह पहल उन छात्रों की मदद करेगी जो स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही डिजिटल पहल का लाभ नहीं ले पा रहे हैं.

    29% की पहुंच मोबाइल तक, 44 % की पहुंच टीवी तक नहीं
    राज्य के शिक्षा मंत्री रतनलाल नाथ ने इस सप्ताह के शुरू में कहा था कि विभाग द्वारा सभी आठ जिलों में किए गए सर्वेक्षण में सामने आया कि 3.22 लाख छात्रों में से 29 प्रतिशत (94,013) की पहुंच मोबाइल फोन तक नहीं है और लगभग 44 प्रतिशत (1.42 लाख) छात्रों की पहुंच टेलीविजन तक नहीं है.

    नेबरहुड क्लास शुरू
    नाथ ने कहा था, ‘‘क्योंकि ये छात्र हमारी डिजिटल कक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहे, हमने 1:5 शिक्षक-छात्र अनुपात के हिसाब से ‘नेबरहुड क्लास’ शुरू करने का निर्णय किया है जो अधिकतर दूरदराज के क्षेत्रों में होंगी.’’

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    क्या है ‘नेबरहुड क्लास’
    ‘नेबरहुड क्लास’ स्कूलों के पास खुले स्थानों पर होंगी और एक शिक्षक अधिकतम पांच छात्रों को पढ़ाएगा तथा इस दौरान भौतिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक एक दिन में कम से कम दो घंटे दो समूहों को पढ़ाएगा. कक्षा तीन से कक्षा 12 तक के छात्र ‘नेबरहुड क्लास’ में शामिल होंगे. अधिकारी ने कहा कि बुखार या खांसी से पीड़ित छात्रों को इन कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.

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