नई शिक्षा नीति को लेकर यूजीसी ने किया बड़ा ऐलान, टीचर्स और स्टूडेंट्स को किया शामिल

नई शिक्षा नीति को लेकर यूजीसी ने किया बड़ा ऐलान, टीचर्स और स्टूडेंट्स को किया शामिल
केंद्र सरकार ने हाल ही में 34 साल पुरानी व्यवस्था बदलकर नई शिक्षा नीति लागू की है.

हाल ही में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है. इसके तहत 34 साल से चली आ रही शिक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव किए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 7:55 AM IST
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नई दिल्ली. यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (University Grant Commission) यानी यूजीसी (UGC) ने देशभर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New National Education Policy) के प्रति जागरूकता फैलाने को कहा है. यूजीसी ने टीचर्स, स्टूडेंट्स समेत हायर एजुकेशन सिस्टम के अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच इसे लेकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों से इसे लेकर की जाने वाली गतिविधियों को साझा करने के लिए भी कहा है.

यूजीसी ने लिखा पत्र
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (University Grant Commission) यानी यूजीसी (UGC) के सचिव रजनीश जैन ने वाइस चांसलर्स को भेजे गए पत्र में लिखा, हायर एजुकेशन सिस्टम में स्टूडेंट्स, टीचर्स, आफिशियल्स व अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New National Education Policy) को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. आपसे आग्रह किया जाता है कि आप वेबिनार व अन्य ऑनलाइन गतिविधियों के जरिये इस दिशा में काम करें.

34 साल बाद...
बता दें कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी है. इसके साथ ही भारत में 34 साल से चली आ रही 1986 की शिक्षा नीति को बदल दिया गया. नई शिक्षा नीति में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिसका उद्देश्य हायर एजुकेशन को विश्वस्तरीय बनाना भी शामिल है. हालांकि कुछ राज्यों में नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले उन्हें विश्वास में न लिए जाने को लेकर विरोध भी है.



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नई शिक्षा नीति में एमफिल कोर्स खत्म करने की बात है तो छात्र-छात्राओं को एक साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं देने का विकल्प भी दिया गया है. इसके अलावा स्कूलों में पढ़ाई को केवल बोर्ड परीक्षाओं तक ही सीमित न रखकर इस तरह की व्यवस्था कायम करने की बात है जहां बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके.
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