एक साथ ले सकते हैं कई डिग्री, UGC फिर कर रहा इस योजना पर विचार

UGC अधिकारी ने कहा, 'अब इस विचार पर फिर से विचार करने का फैसला किया गया है क्योंकि तकनीकी में बहुत बदलाव आए हैं.'

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 11:55 PM IST
एक साथ ले सकते हैं कई डिग्री, UGC फिर कर रहा इस योजना पर विचार
UGC अधिकारी ने कहा, 'अब इस विचार पर फिर से विचार करने का फैसला किया गया है.'
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Updated: July 22, 2019, 11:55 PM IST
स्टूडेंट्स जल्द ही विभिन्न विश्वविद्यालयों या एक ही विश्वविद्यालय से एक साथ कई डिग्री हासिल करने में सक्षम हो सकते हैं. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस पर विचार करना शुरू किया है. यूजीसी ने अपने उपाध्यक्ष भूषण पटवर्धन की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया है, जो एक ही विश्वविद्यालय या विभिन्न विश्वविद्यालयों से एक साथ दो डिग्री कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के मुद्दे की जांच करेगा.

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब आयोग इस मुद्दे की जांच कर रहा है. यूजीसी ने साल 2012 में भी एक समिति गठित की थी और उसी पर विचार-विमर्श किया गया था, लेकिन अंततः इस विचार को रद्द कर दिया गया था.

यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'पैनल का गठन पिछले महीने के अंत में किया गया था और पहले ही एक बार मिल चुका है. अब विचार-विमर्श की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श किया जा रहा है.'

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इस कमिटी ने भी किया था विचार

हैदराबाद विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति फुरकान क़मर की अध्यक्षता वाली साल 2012 की समिति ने सिफारिश की थी कि नियमित मोड के तहत डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्र को एक ही या एक से एक से अधिक ओपन या डिस्टेंस मोड के तहत अधिकतम एक अतिरिक्त डिग्री प्रोग्राम को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जा सकती है.

हालांकि, नियमित मोड के तहत दो डिग्री कार्यक्रमों को एक साथ अनुमति नहीं दी जा सकती है क्योंकि यह लॉजिस्टिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याएं पैदा कर सकता है.
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रिपोर्ट में कहा गया था कि नियमित मोड के तहत डिग्री प्रोग्राम करने वाले छात्र को अधिकतम एक प्रमाण पत्र, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा, को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जा सकती है. पैनल की रिपोर्ट में कहा गया था कि पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम एक ही विश्वविद्यालय में या अन्य संस्थानों से नियमित या ओपन और डिस्टेंस मोड में एक साथ होता है.

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यूजीसी अधिकारी ने कहा-

यूजीसी अधिकारियों के अनुसार, 'आयोग ने तब समिति की रिपोर्ट पर वैधानिक परिषदों की टिप्पणियों की मांग की थी और प्राप्त प्रतिक्रियाओं ने छात्रों को एक साथ कई डिग्री कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की अनुमति देने के विचार का समर्थन नहीं किया था. इसलिए योजना बंद नहीं हुई.'

अधिकारी ने कहा, 'अब इस विचार पर फिर से विचार करने का फैसला किया गया है क्योंकि तकनीकी में बहुत बदलाव आए हैं. ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने नियमित डिग्री कार्यक्रमों के अलावा विशेष पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करना चाहते हैं.'

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First published: July 22, 2019, 11:20 PM IST
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