टॉप विदेशी यूनिवर्सिटी से की है पीएचडी तो सीधे बन सकते हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

इससे पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पात्र उम्मीदवारों को भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित विषय की मास्टर डिग्री में या मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होने जरूरी थे.

भाषा
Updated: November 28, 2018, 5:48 PM IST
टॉप विदेशी यूनिवर्सिटी से की है पीएचडी तो सीधे बन सकते हैं असिस्टेंट प्रोफेसर
यूजीसी (फाइल फोटो)
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Updated: November 28, 2018, 5:48 PM IST
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार शीर्ष 500 विदेशी विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट डिग्री धारक अब भारतीय विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर के रूप में सीधी भर्ती के पात्र होंगे. नए भर्ती मानदंडों के अनुसार शीर्ष 500 विश्वविद्यालय की रैंकिंग को दुनिया के चार प्रसिद्ध विश्वविद्यालय रैंकिंग प्रणाली- क्वाक्वेरेली साइमंड्स, टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग और शंघाई जिओ टोंग विश्वविद्यालय की विश्वविद्यालयों की अकादमिक रैंकिंग से संदर्भित किया जाएगा.

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यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय पीएचडी धारकों की प्रत्यक्ष भर्ती पात्रता कला, वाणिज्य, मानविकी, शिक्षा, कानून, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, भाषाएं, पुस्तकालय विज्ञान, शारीरिक शिक्षा और पत्रकारिता एवं जन संचार के विषयों के लिए लागू है. यह छात्रों को भारत में वैश्विक प्रतिभा से सीखने में मदद करेगा.’

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इससे पहले पद के लिए पात्र उम्मीदवारों को भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित विषय की मास्टर डिग्री में या मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होने जरूरी थे. अधिकारी ने कहा, ‘प्रत्यक्ष भर्ती योग्यता केवल उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा से छूट प्रदान करती है लेकिन साक्षात्कार में उनका प्रदर्शन उनकी नियुक्तियों के लिए एक निर्णायक कारक होगा.’

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