UP Board Result 2019: अगर आपके बेटे का आज आ रहा है रिजल्ट, तो बच्चों के लिए ये करना न भूलें

प्रतीकात्मक तस्वीर.

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बच्चों के साथ-साथ मां-बाप भी तनाव में आ जाते हैं. ऐसे में मां-बाप थोड़े चिढ़-चिढ़े भी हो जाते हैं. और फिर उनका पूरा गुस्सा बच्चों पर ही उतरता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2019, 12:38 PM IST
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रिजल्ट बोर्ड का हो या यूनिवर्सिटी का बच्चों के साथ-साथ मां-बाप ब्लड प्रेशर बढ़ना लाज़िमी है. खासतौर से बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट. बच्चों के साथ-साथ मां-बाप भी तनाव में आ जाते हैं. ऐसे में मां-बाप थोड़े चिढ़-चिढ़े भी हो जाते हैं. और फिर उनका पूरा गुस्सा बच्चों पर ही उतरता है.

आजकल बच्चे हर बात को दिल पर ले लेते हैं. ऐसे में अभिभावक रिजल्ट को लेकर न खुद तनाव में रहें ना ही बच्चों को लेने दें. रिजल्ट के बारे में उनके साथ प्यार से बात करें. बेहतर होगा कि रिजल्ट आने से पहले घर के माहौल को आम दिनों की तरह ही सामान्य रखें.

उत्सुकता और उत्साहित होने से कुछ नहीं होने वाला है. ये तय मान लिजिए कि जो रिजल्ट आ रहा है उसे आप बदल नहीं सकते हैं. इसलिए लक्ष्य के वजाए बच्चों के साथ विकल्प पर बात करें. मतलब एक दरवाजा बंद हो गया तो क्या दूसरा ये रास्ता है न. सीबीएसई, यपूी बोर्ड सहित तमाम बोर्ड के रिजल्ट जारी होने वाले हैं. ऐसे में रिजल्ट के तनाव से बच्चों को और घर के माहौल को कैसे दूर रखें, इस बारे में हमने जानी एक्सपर्ट की राय.



प्रतीकात्मक तस्वीर.

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक डॉ. केसी गुरनानी

1 जब बच्चा सड़क पर चलते हुए गिर रहा होता है तो हम उसे डांटने के बजाए संभालते हैं. ठीक इसी तरह से रिजल्ट खराब होने पर उसे डांटने के बजाए संभालें.

2 पहले फेल और फिर कामयाब होने वाली महान हस्तियों के उदाहरण बच्चों के सामने रखें.

3 रिजल्ट के बाद बच्चे को अकेले में न छोडें.

4 जैसे ही महसूस हो कि बच्चे का व्यवहार बदल रहा है तो तुरंत मनोचिकित्सक और काउंसलर्स से संपर्क करें.

5 रिजल्ट आने से पहले बच्चे के साथ पहले से तय लक्ष्य पर नहीं उसके विकल्प पर बात करें.

6 अच्छा रिजल्ट आने पर आपने बच्चे को जो देने का वादा किया था उसे तोड़ें नहीं. उससे कम या कुछ समय बाद उसे दें जरूर. वर्ना रिजल्ट खराब होने के साथ ही बच्चे के दिमाग में ये बात भी चुभती है.

7 इंसानी दिमाग कभी भी संतुष्ट नहीं होता है. ये ही वजह है कि कभी-कभी टॉपर भी आत्म हत्या कर लेते हैं.

क्या कहते हैं समाजशास्त्री प्रो. डॉ. मोहम्मद अरशद

1 बच्चे का जो भी रिजल्ट आए उसका उत्साहवर्धन करें उसे डांटे नहीं.

2 रिजल्ट खराब आने पर दूसरों बच्चों से अपने बेटे या बेटी की तुलना बिल्कुल न करें.

3 रिजल्ट खराब आने पर घर के माहौल को सामान्य बनाए रखें. रिजल्ट के बारे में कुछ दिन बाद ही चर्चा करें.

4 कुछ लोग भविष्य में और बेहतर करने के लिए बच्चे पर प्रेशर बनाने लगते हैं. ऐसा कतई न करें. बच्चों को कुछ समय नॉर्मल रहने दें.

5 रिजल्ट खराब आने पर अभिभावक ये सोचने लगते हैं कि दूसरे क्या सोचेंगे. आप खुद को यह विश्वास दिलाए कि मेरे बच्चे का रिजल्ट अच्छा आया है और आने वाले वक्त में बच्चे के साथ और मेहनत करनी है.

6 एक बात अच्छी तरह से जान लें कि स्कूल का हर बच्चा टॉपर नहीं हो सकता है.

7 एक बात ये भी तय है कि बच्चे के रिजल्ट का सामाजिक प्रतिष्ठा बनाने-बिगाड़ने में कोई रोल नहीं होता है.

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