UP Board दिलचस्प किस्से : ...जब 165 स्कूलों में 10वीं और 12वीं के सभी स्टूडेंट्स हुए फेल

अगर आप परीक्षा में फेल हो गए हैं तो आपके पास ये चार रास्‍ते हैं सफल होने के ल‍िये
अगर आप परीक्षा में फेल हो गए हैं तो आपके पास ये चार रास्‍ते हैं सफल होने के ल‍िये

UP Board Results : यूपी बोर्ड 2020 के नतीजों का ऐलान 27 जून को किया जाना है. बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नतीजे देखें जा सकते हैं.

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UP Board Result : किसी भी राज्य के बोर्ड रिजल्ट का जब ऐलान होता है तो निगाहें पहले तो टॉपर पर होती हैं. फिर रिजल्ट से जुड़ी अन्य चीजों पर, जैसे कि पास प्रतिशत, लड़कों ने बाजी मारी या लड़कियां रहीं अव्वल, कौन सा जिला आगे रहा, किस स्कूल का परचम लहराया आदि. मगर पिछले साल जब यूपी बोर्ड (UP Board) की दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के नतीजे घोषित किए गए तो एक दिलचस्प तथ्य ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जी नहीं, ये किसी अच्छे कारण की वजह से नहीं था. आइए आपको बताते हैं कि आखिर माजरा क्या है.

 

सभी स्टूडेंट्स हुए फेल
दरअसल, पिछले साल यूपी बोर्ड (UP Board) के नतीजे 27 अप्रैल को जारी किए गए थे. पिछले साल 10वीं में 80.07% और 12वीं में 70.26 % स्टूडेंट्स पास हुए थे. 12वीं की टॉपर तनु तोमर ने 97.80% और 10वीं के टॉपर गौतम रघुवंशी ने 97.17% अंक हासिल किए. मगर दिलचस्प बात ये है कि यूपी के 165 स्कूल ऐसे भी रहे, जिनका परिणाम शून्य रहा. इन 165 स्कूलों में 96 स्कूलों के 10वीं के सभी छात्र, 69 स्कूलों के 12वीं के सभी स्टूडेंट्स फेल हुए.



साल 2018 में 150 स्कूलों में नहीं हुआ था कोई भी पास
साल 2019 में जहां 165 स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं हुआ, वहीं 2018 में ऐसे स्कूलों की संख्या 150 रही थी. ​उससे भी एक साल पीछे जाएं तो साल 2017 में ये आंकड़ा 183 स्कूलों तक पहुंचा था. जीरो रिजल्ट देने वाले इन स्कूलों में कई राजकीय और एडेड स्कूल भी थे.

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शून्य रिजल्ट देने वाले स्कूल
मामला सिर्फ जीरो रिजल्ट का ही नहीं है, बल्कि पिछले साल 10वीं के 139, 12वीं के 249 स्कूल ऐसे भी रहे जिनके स्टूडेंट्स का पास प्रतिशत 20 फीसदी से भी कम रहा. यूपी बोर्ड के मुख्यालय वाले जिले प्रयागराज के भी स्कूलों का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं रहा. इस जिले के सात स्कूल ऐसे रहे जिनमें 10वीं का एक भी स्टूडेंट पास नहीं हुआ. इसके अलावा 12वीं में तीन स्कूलों का रिजल्ट जीरो रहा.
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