UP Board Result 2019: 12वीं में फेल हुए 3 लाख 71 हजार छात्र-छात्राओं के पैरेंट्स को पांच सलाह

UP Board Result 2019: 12वीं में फेल हुए 3 लाख 71 हजार छात्र-छात्राओं के पैरेंट्स को पांच सलाह
UP Board Result 2019: यूपी बोर्ड में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं के पैरेंट्स के लिए कुछ बातें बहुत जरूरी हैं.

UP Board Result 2019: यूपी बोर्ड में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं के पैरेंट्स के लिए कुछ बातें बहुत जरूरी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2019, 3:28 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के इतिहास को देखें तो हर साल लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा में उतीर्ण नहीं हो पाते. इस साल भी उत्तर प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में करीब 26 लाख छात्र-छात्राएं बैठे थे. लेकिन इनमें महज 70.06 फीसदी यानी करीब 22.2 लाख ही पास हुए. इसके पीछे कई कारण होते हैं. लेकिन ज्यादातर माता-पिता और अभिभावक फेल होने के बाद बच्चों को ही इसके लिए गुनाहगार मानते हैं.

लेकिन इस प्रथा को बदलना होगा. पूरे साल अपने बच्चे की देखभाल करने और उसके क्रिया कलापों, स्कूल-कॉलेज की स्थित‌ि, घरेलू स्थिति को समझने के बजाए अचानक किसी छात्र या छात्रा को फेल होने में उसी पूरी गलती ना निकालें. इसलिए हमारी फेल हुए छात्र-छात्राओं के परिवार से यही दरख्वास्त है कि वे इन पांच सलाह को मानें.

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1. दोबारा दें पढ़ने का मौका



बड़े-बड़े उपदेशों को अगर दर-किनार कर दें तब भी फेल होने का मतलब जिंदगी में कुछ ना कर पाना नहीं होता. ऐसे उदाहरण बिखरे पड़े हैं जब पहली मर्तबे में या अन्य कारणों से छात्र-छात्राएं परीक्षा पास नहीं कर पाते लेकिन अगले साल वही सबसे तेज-तर्रार विद्यार्थ‌ियों में शुमार हो जाते हैं.Board Reslut

इसलिए कभी भी अपने बच्चे को महज फेल हो जाने के चलते उसकी पढ़ाई ना छुड़ाएं. यकीन मानिए ऐसे कई उदाहरण हैं जब पहली ठोकर लगने के बाद बच्चे पहले से ज्यादा निखर कर सामने आए हैं.

2. मार-पीट से रहें कोसों दूर
माता-पिता और अभिभावकों को इस बात का खास खयाल रखने की जरूरत है कि अगर एक छात्र या छात्रा अपनी कक्षा में फेल हो गया है तो इस वक्त वो पहले से दुखी होगा. उसकी मनःस्थि‌ति ठीक नहीं होगी. उसकी क्लास में पढ़ने वाले दूसरे बच्चे पास हो चुके होंगे.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि 12वीं के 12 लाख छात्रों के माता-पिता और अभिभावक भी दुखी होंगे. लेकिन वे अपने बच्चे की तुलना में परिपक्व हैं. उन्होंने ऐसे कई दुख अपने जीवनकाल में देखे होंगे. ऐसे में बच्चे को गुनाहगार मानते हुए उससे कड़े स्वर में बात करने और उस पर हा‌थ उठाने से बचना चाहिए.

3. बच्चे के साथ करें बात
फेल होने के बाद नैसर्गिक तौर पर जो चीज बच्चों में आती है वो फेल होना है. 12वीं तक बच्चे इतने बड़े हो जाते हैं कि अपनी घरेलू परिस्थितियां समझ जाते हैं. ऐसे में कई कमजोर आर्थ‌िक स्थिति से गुजरने वाले बच्चे तत्काल एक बड़े तनाव का शिकार हो जाते हैं.

इसी तरह बड़े घरों से आने वाले बच्चे भी ट्यूशन कोचिंग के बाद भी फेल होने पर खुद को दोषी मानने लगते हैं. ऐसे खास खयाल रखना होगा कि बच्चा किसी तरह की मानसिक विकृति का शिकार ना हो जाए.Board Reslut

यहां एक क्लिक में देखें यूपी बोर्ड के 10th और 12th के टॉपर्स की पूरी लिस्ट

कई विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कई बीमारियों की तुलना में सबसे ज्यादा घातक तनाव से घिर जाना होता है. जानकारों मुताबिक ऐसे में अगर कुछ आपके बच्चे को बचा सकता है कि वो है आपकी खुद की बातचीत.

4. धीरे-धीरे बुरी आदतों से ले जाएं दूर
इस बार 12वीं में फेल होने वालों छात्र-छात्राओं में ऐसे लोगों की संख्या बहुत होगी जिनके अभिभावकों की ओर से दी गई छूट ही उनके बच्चे को फेल कराने का कारण बन गई हो. कई बार बच्चों को कार से लेकर उनके पढ़ने लिखने के घंटों समेत कई अन्य चीजों की छूट होती है.

ऐसे में आज अचानक से उन्हें लानत ना दें. उन्हें धीरे-धीरे इस बात का अहसास दिलाएं कि उनको मिली छूट उन्हें गलत रास्ते पर ले जा रही हैं. उन्हें धीरे-धीरे इन आदतों से उबारें.

5. फिनाइल, साइनाट और ऐसी चीजों को घर से हटाएं
आगामी कुछ दिनों के लिए अपने बच्चों की पहुंच से ऐसी चीजों को दूर रखें जिससे वो खुद को नुकसान पहुंचा सकते हैं. फेल होने से लगे आघात से कई बार तनाव ऐसे अप्र‌िय कदम उठा लेते हैं.

असल में उनके साथ पढ़ने वाले बच्चे पास हो चुके होते हैं. कई बार कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो फेल होने के लिए आपके बच्चे को चिढ़ाएंगे भी. कई बार बच्चे इसे अपने अस्तित्व का सवाल बना लेते हैं और खुद को मारकर इससे निदान पाना चाहते हैं.

इसलिए अपने खास खयाल रखें. आगामी कुछ दिनों तक उसकी सभी क्रिया कलापों पर नजर रखें. उसे दोबारा उठ खड़े होने के बारे में बताएं.

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