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    UPPCS Interview: बदले हुए पैटर्न में कैसे करें तैयारी, कितने अंको पर होगा सेलेक्शन, जानें पूरी डिटेल

    UPPCS ने साल 2018 के लिए इंटरव्यू की तारीख जारी कर दी है.
    UPPCS ने साल 2018 के लिए इंटरव्यू की तारीख जारी कर दी है.

    13 जुलाई से UPPCS के इंटरव्यू की शुरुआत हो जाएगी. इस बार इंटरव्यू 200 के बजाय सिर्फ 100 अंकों का होगा. ऐसे में तैयारी से जुड़ी सारी जानकारी आप यहां ले सकते हैं. शिव पांडेय और उत्तर प्रदेश सरकार में पीसीएस अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनील अग्रहरि की विशेष बातचीत पर आधारित.

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    UPPCS Preparation Tips: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने साल 2018 के लिए इंटरव्यू के तारीख की घोषणा कर दी है. 13 जुलाई से इंटरव्यू की शुरुआत हो जाएगी. हालांकि, अभी तक कैंडीडेट्स को व्यक्तिगत तौर पर इंटरव्यू की तारीख नहीं बताई गई है. एक दो दिन में कैंडीडेट्स को इससे अवगत करा दिया जाएगा. जिन कैंडीडेट्स ने पीसीएस की मुख्य परीक्षा को पास किया है, ज़ाहिर है वे सभी इंटरव्यू की तैयारियों में ज़ोर-शोर से जुटे होंगे. हमारी कोशिश लगातार इस बात की होती है कि हम आप तक स्पेशल कंटेंट उपलब्ध कराएं जिससे आपको तैयारी में सहायता मिल सके. इसी कड़ी में न्यूज़ 18 हिंदी के पत्रकार शिव पांडेय ने पीसीएस अधिकारी सुनील कुमार अग्रहरि से बात की. उन्होंने बताया कि आखिर कैंडीडेट्स को सफल होने के लिए किस तरह से इंटरव्यू की तैयारी करनी चाहिए-

    बदल गया है पैटर्न, 100 अंकों का होगा इंटरव्यू
    सुनील अग्रहरि ने बताया कि प्रथमतया ऐसा लग सकता है कि 100 नंबर का होने के कारण इस बार इंटरव्यू का वेटेज कम हो गया है लेकिन ऐसा नहीं है. इसके लिए पहले मुख्य परीक्षा के बारे में समझना होगा. पहले की बात करें तो मुख्य परीक्षा में जीएस की तुलना में वैकल्पिक विषय का महत्त्व ज्यादा था क्योंकि दोनों वैकल्पिक विषय 400-400 अंकों के मिलकर 800 अंकों के हुआ करते थे और जीएस के दोनों पेपर मिलकर 400 अकों के होते थे, जबकि इस बार जीएस के चार पेपर हैं जो कि डिस्क्रिप्टिव हैं. चारों पेपर 200-200 अंकों के यानी कि कुल 800 अंकों के हैं जबकि वैकल्पिक विषय कुल 400 अंकों का है. वैकल्पिक विषय के साथ 150 अंकों का निंबध और 150 अंकों का सामान्य हिंदी का पेपर होगा. इस तरह से मुख्य परीक्षा के कुल अंक 1500 होंगे.

    इस तरह से मुख्य परीक्षा के अंक अब भी बराबर हैं लेकिन जीएस इस बार ऑब्जेक्टिव के बजाय डिस्क्रिप्टिव होगा जिसकी वजह से इस बात की पूरी संभावना है कि पहले की तुलना में इस बार मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ कम जाएगा. उनके अनुसार इस बार मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ '650+' हो सकता है. जबकि पहले मुख्य परीक्षा कट-ऑफ '920+' हुआ करता था. ऐसे में इंटरव्यू के अंक कम होने के बावजूद भी इसका महत्त्व पहले जितना ही है क्योंकि मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ कम रहने की संभावना है. साथ ही इस बार पदों की संख्या 988 है जो कि काफी है.
    इंटरव्यू में लाने होंगे 40 से 70 अंक


    सुनील कुमार अग्रहरि के मुताबिक चुने हुए कैंडीडेट्स की जो फाइनल लिस्ट बनती है वह मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर बनती है और इंटरव्यू में न्यूनतम अंक लाने का कोई क्राइटीरिया नहीं है. इसलिए अगर किसी के मुख्य परीक्षा में काफी अंक हैं तो वह इंटरव्यू में कम अंक लाकर भी सेलेक्ट हो सकता है. लेकिन सफल होने वाले कैंडीडेट्स का एक सामान्य एवरेज देखें तो यह कहा जा सकता है कि इस बार इंटरव्यू में 40 से 70 तक अंक लाने होंगे. उनका कहना है कि पहले जब इंटरव्यू 200 अंकों का होता था तो 110 से 130 अंक तक लाने वालों का सेलेक्शन आमतौर पर हो जाया करता था, उस हिसाब से इस बार चूंकि मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ कम होगा इसलिए 40 से 70 अंक लाने वालों की काफी संभावना है.

    मुख्य परीक्षा में होने चाहिए 650 से ज्यादा अंक
    जैसा कि बताया कि फाइनल लिस्ट मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू को मिलाकर बनती है. लेकिन फिर भी मुख्य परीक्षा में अगर अंक बहुत कम हैं तो सेलेक्शन होना मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में विश्लेषण के बाद सुनील अग्रहरि का अनुमान है कि मुख्य परीक्षा में 660 से 670 अंक होंगे और इंटरव्यू में 55-60 अंक आ जाएंगे तो सेलेक्ट होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी. लेकिन, जिन परीक्षार्थियों के मुख्य परीक्षा में अंक कट-ऑफ से करीब 30-40 अंक ज्यादा होंगे उनके इंटरव्यू में औसत अंक आने पर भी सेलेक्शन होने की संभावना है.

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    विषय की होनी चाहिए गहरी समझ
    इसके अलावा हमने पूछा कि इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें तो उन्होंने बताया कि अपने वैकल्पिक विषय का गहरा ज्ञान हो. साथ ही ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के विषयों का भी ज्ञान होना ज़रूरी है. इसके अलावा रोज़मर्रा की न्यूज़ से जुड़ी चीज़ें, करेंट अफेयर्स और समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ होनी चाहिए. साथ ही कुछ प्रारंभिक परीक्षा के दौरान की गई तैयारी के कुछ छिटपुट फैक्ट्स को भी दोहराना ठीक रहेगा. कैंडीडेट्स से कभी कभी अपेक्षा की जाती है कि उन्हें इनका भी ज्ञान हो.

    (सुनील कुमार अग्रहरि पीसीएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश सरकार की सेवा में कार्यरत हैं.)
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