UPPSC PCS 2020: जब रावण की ससुराल है मेरठ सुनकर मुस्कुरा दिए थे पीसीएस परीक्षा के इंटरव्यूवर

उदित पंवार ने पांचवीं रैंक हासिल की है.

उदित पंवार ने पांचवीं रैंक हासिल की है.

UPPSC PCS 2020 Final Result : यूपी पीसीएस 2020 के नतीजे आ गए हैं. मेरठ के उदित पंवार को पांचवीं रैंक मिली हैं. यहां पढ़ें उदित पंवार से खास बातचीत…

  • Last Updated: April 13, 2021, 7:27 PM IST
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यूपी पीसीएस 2020 का रिज़ल्ट घोषित हो चुका है. यूपी पीसीएस 2020 में मेरठ के उदित पंवार ने पांचवीं रैंक हासिल की है. उदित पवार ने न्यूज़ 18 से ख़ास बातचीत में कहा कि जब वो पीसीएस का इंटरव्यू दे रहे थे तो उनसे सबसे पहला सवाल पूछा गया था कि मेऱठ के रामायण और महाभारत वाले नाते के बारे में बताएं. इस सवाल के जवाब में उदित ने कहा कि मेरठ का रामायण वाला प्रसंग ये है कि वो रावण की ससुराल है. और महाभारत के प्रसंग को लेकर उन्होंने हस्तिनापुर से रिलेटेड जवाब दिया. जैसे ही उदित ने कहा कि मेरठ मंदोदरी का मायका है. और रावण की सुसराल है. इंटरव्यूवर के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई थी.

मैकेनेकिल इंजीनियरिंग से संबंधित सवाल पूछे 

उदित ने बताया कि इंटरव्यू में इसके अलावा उनसे मैकेनेकिल इंजीनियरिंग से संबंधित सवाल पूछे गए थे. हालांकि कई सवालों के जवाब में उन्होंने साफ साफ कह दिया कि इसका उत्तर उन्हें नहीं मालूम है. उदित ने बताया कि मैकेनकिल इंजीनियरिंग से संबंधित कई सवालों के जवाब वो नहीं दे पाए थे. यूपी पीसीएस 2020 में पांचवीं रैंक हासिल करने वाले इस युवा ने बताया कि जिस सवाल का जवाब उन्हें नहीं मालूम था उन्होंने सॉरी कह दिया था. उदित ने बताया की पीसीएस परीक्षा का इंटरव्यू तकरीबन बीस मिनट तक चला था. उदित कहते हैं कि इंटरव्यूवर की आंखों में मानों एक्सरे लगा होता है वो हर चीज़ पढ़ लेते हैं. 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से बीटेक करने वाले उदित का कहना है कि उन्होंने भले ही पीसीएस की परीक्षा में पांचवीं रैंक हासिल की है.लेकिन आईएएस की उनकी तैयारी जारी रहेगी.

कोई कोचिंग नही की 
आपको ये जानकर और अच्छा लगेगा कि उदित को आईआईटी गुवाहाटी में सेलेक्शन ठीक इंटर करने के बाद हो गया था. उन्होंने न तो आईआईटी की परीक्षा की तैयारी करने के लिए कोई कोचिंग की. और न ही पीसीएस की परीक्षा पास करने के लिए कोई कोचिंग की. उन्होंने सारी पढ़ाई घर पर ही रहकर की.उदित ने बताया कि दो बार तो वो पीसीएस प्रिलिम्स का इम्तिहान भी नहीं क्वालीफाई कर पाए थे. और तीसरी बार जब इस परीक्षा को उन्होंने पास किया तो प्रदेश में पांचवीं रैंक हासिल की. उदित का कहना है कि असफलता से घबराना नहीं चाहिए धैर्य रखना चाहिए. और पढ़ाई के घंटे नहीं देखने चाहिए बल्कि कितना अपने टार्गेट पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब उनकी पोस्टिंग होगी तो वो भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए प्रयास करेंगे.

शुरु से ही मेधावी

उदित पंवार के पिता मेरठ की एक चीनी मिल में काम करते हैं. मां गृहिणी हैं. इस होनहार के माता पिता बताते हैं कि उनका बेटा शुरु से ही मेधावी रहा है. और उसने आज उन्हें नायाब तोहफा दिया है. उदित की बहन भी आईआईटी दिल्ली में केमिकल से बीटेक कर रही हैं. जब से उदित की कामयाबी की ख़बर लोगों को पता चली. आसपडो़स वालों का तांता लगा हुआ है. आज नवरात्र के पहले दिन उदित के माता पिता व्रत वालों के लिए अलग मिठाई और बिना व्रत वालों के लिए लड्डू लेकर अपने ड्राइंग रुम में सुबह से बैठे हुए हैं. वाकई में ऐसे होनहार पर सभी को नाज़ है.

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