ALERT: IAS/IPS के एग्जाम पैटर्न में बदलाव का प्रस्ताव, खत्म होंगे ये स्टेप्स

सिविल सेवा परीक्षा से सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) और इंटरव्यू खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया है.

News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 5:56 PM IST
ALERT: IAS/IPS के एग्जाम पैटर्न में बदलाव का प्रस्ताव, खत्म होंगे ये स्टेप्स
UPSC civil service exam में हो सकते हैं बदलाव
News18Hindi
Updated: August 22, 2019, 5:56 PM IST
IAS/IPS एग्जाम पैटर्न बदलाव: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) यानी लोक संघ सेवा आयोग की तरफ से कराए जाने वाले देश के सबसे मुश्किल एग्जाम्स में शुमार सिविल सेवा परीक्षा के पैटर्न में बदलाव हो सकता है. इसमें बदलाव के लिए नए प्रस्ताव दिए गए हैं. सिविल सेवा परीक्षा से सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) और इंटरव्यू खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया है.

सिविल सेवा परीक्षा में इस बदलाव का प्रस्ताव केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की ओर से दिया गया है. आरएसएस की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी ने ये प्रस्ताव दिया है. इस सुझाव में एप्टीट्यूड टेस्ट को खत्म करने की बात कही गई है और इंटरव्यू की जगह साइकोलॉजिकल टेस्ट (मानसिक परीक्षा) शुरू करने की बात कही गई है.

सिविल सेवा परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के लिए प्रस्ताव की जानकारी नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम दी गई. यहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मौजूद थे. साथ ही केंद्र सरकार और यूपीएससी के खास सदस्य भी थे.

RSS क्यों चाहता है बदलाव

आरएसएस की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी परीक्षा पैटर्न में ऐसे सुधार चाहती है, जिससे हर किसी को बिना किसी भेदभाव के बराबर अवसर मिले. कमेटी का मानना है अभी जिस तरह परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, उसमें नौकरी के लिए जरूरी योग्यताओं को नहीं जांचा जा रहा.

कमेटी का मानना है कि सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट से हिंदी मीडियम से आने वाले कैंडीडेट्स को नुकसान होता है. इंटरव्यू एकसमान नहीं होते.

आरएसएस के अनुसार, सीसैट सिविल सेवा के लिए उम्मीदवारों में जरूरी कौशल का परीक्षण नहीं करती. CSAT क्वालीफाई करने वाले करीब 90 फीसदी कैंडीडेट्स इंग्लिश मीडियम के होते हैं. कहा गया है कि क्वालीफाईंग एग्जाम के रूप में इसकी जरूरत नहीं.
Loading...

क्यों खत्म हो इंटरव्यू
इंटरव्यू के पैटर्न में कहा गया है कि इसमें एकरूपता नहीं. अलग-अलग पैनलों के पैटर्न से अलग कैंडीडेट्स प्रभावित होते हैं. आखिरकार कैंडीडेट्स का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि इंटरव्यू पैनल कैसा है. यह बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है. सरकार इंटरव्यू को स्टैंटर्डडाइज करने के लिए पैनलों को प्रशिक्षण दे. इंटरव्यू को खत्म कर उसकी जगह आर्मी की तरह साइकोलॉजिकल टेस्ट शुरू करने का सुझाव है. यूपीएससी मेन एग्जाम की आंसर-की जारी करने का प्रस्ताव भी रखा गया है. फिलहाल प्रारंभिक परीक्षा की आंसर-की जारी होती है.

ये भी पढ़ें-
Bihar Police ने जारी की बंपर भर्ती, योग्‍यता और वेतन जानें
SUCCESS STORY: छोटे भाई के हौसले से MBBS बहन रेहाना बनी IAS
पहली बार में फेल हुई इस IAS ने दूसरी बार में पाई 8वीं रैंक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नौकरियां/करियर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 21, 2019, 12:06 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...