UPSC Result 2019: आईएएस बनकर प्रदीप ने कहा- मुझसे ज्‍यादा प‍िता ने क‍िया संघर्ष

UPSC Result 2019: आईएएस बनकर प्रदीप ने कहा- मुझसे ज्‍यादा प‍िता ने क‍िया संघर्ष
प्रदीप स‍िंह ने परीक्षा में बाजी मारी है.

UPSC Civil Services Final Result 2019: यूपीएससी स‍िव‍िल सेवा परीक्षा का फाइनल परिणाम जारी कर द‍िया गया है. इसमें प्रदीप स‍िंह टॉपर बने हैं. प्रदीप स‍िंह के प‍िता ने अपने बेटे को पढ़ाने के ल‍िये घर तक बेच द‍िया था. पढ़ें एक ऐसे ही संघर्ष की कहानी

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 5:17 PM IST
  • Share this:
UPSC Civil Services Final Result 2019: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आज यानी मंगलवार 4 अगस्‍त को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है. इस परीक्षा में हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले प्रदीप सिंह ने पहला पायदान झटक ल‍िया है. यूपीएससी 2019 स‍िव‍िल सेवा परीक्षा के टॉपर्स की सूची में एक और प्रदीप स‍िंह शाम‍िल हैं, जो 26वें स्‍थान पर हैं और आईआरएस अफसर के रूप में सेवा दे रहे हैं.

दरअसल, ब‍िहार के गोपालगंज में जन्‍म लेने वाले और इंदौर के रहने वाले प्रदीप, इससे पहले साल 2018 में अपने पहले अटेम्‍प में ही ऑल इंडिया 93वां रैंक हास‍िल कर ल‍िया था. इसके बाद साल 2019 में उन्‍होंने 26वां रैंक लेकर अपने घर वालों का नाम रौशन क‍िया है.

पेट्रोल पंप पर काम करते हैं प‍िता:
प्रदीप स‍िंह के घर में उनके माता-प‍िता और एक भाई है. प‍िता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं और भाई प्राइवेट जॉब करता है. प्रदीप का कहना है क‍ि उनके प‍िता ने उनसे कहीं ज्‍यादा संघर्ष क‍िया है और वह बेहद महत्‍वकांक्षी हैं. प्रदीप ने कहा क‍ि आर्थ‍िक समस्‍याओं को कभी हमारी पढ़ाई के बीच नहीं आने द‍िया.
घर बेच द‍िया:


प्रदीप आईएएस परीक्षा की तैयारी के ल‍िये इंदौर से द‍िल्‍ली आना चाहते थे. उनके प‍िता को जब यह बात पता चली, वह झट से मान गए. उन्‍होंने आर्थ‍िक परेशान‍ियों के बारे में ब‍िना सोचे ही प्रदीप को द‍िल्‍ली भेजने की तैयारी शुरू कर दी. एक वक्‍त आया जब द‍िल्‍ली भेजने के ल‍िये प्रदीप के प‍िता के पास पैसे कम पड़ने लगे. उन्‍होंने अपना मकान बेच द‍िया. इसके बाद ब‍िहार की अपनी जमीन भी बेच दी. प्रदीप का कहना है क‍ि उनके प‍िता ने उनसे ज्‍यादा संघर्ष क‍िया है, लेक‍िन अपने जजबे को कभी कम नहीं होने द‍िया है.

मां की बीमारी से रखा दूर:
प्रदीप के अनुसार, उनकी मां की तब‍ियत बहुत ज्‍यादा खराब हो गई और उन्‍हें हॉस्‍प‍िटलाइज करना पड़ा. तब प्रदीप द‍िल्‍ली में थे. घर वालों ने प्रदीप को इस बात की भनक भी नहीं लगने दी. प्रदीप के प‍िता और भाई नहीं चाहते थे क‍ि प्रदीप का पढ़ाई से ध्‍यान भटके. इसलिये उन्‍होंने प्रदीप को ये बताई ही नहीं.

वास्‍तव‍िकता में आईएएस बनने क‍ि पीछे क‍िसी एक व्‍यक्‍त‍ि का संघर्ष नहीं होता. बल्‍क‍ि, उसके माता-प‍िता, दोस्‍त, श‍िक्षक और भी कई लोगों का संघर्ष शाम‍िल होता है.

बता दें क‍ि इस साल कुल 829 उम्‍मीदवारों की स‍िफार‍िश भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य लोक सेवाओं के लिए की गई है. टॉपर्स ल‍िस्‍ट में दूसरे स्‍थान पर जतिन किशोर हैं. जबक‍ि तीसरे स्‍थान पर प्रतिभा वर्मा हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज