'हिंदी मीडियम' वाले पास नहीं कर पा रहे UPSC के एग्जाम, 2018 में केवल 8 हुए सफल

सिविल सेवा में चयनित होने वाले हिंदी मीडियम उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट दर्ज होने का सिलसिला 2011 के बाद शुरू हुआ. इसी साल सरकार ने सीसैट (CSAT) लाने का ऐलान कर दिया था.

फर्स्टपोस्ट.कॉम
Updated: January 2, 2019, 11:55 AM IST
'हिंदी मीडियम' वाले पास नहीं कर पा रहे UPSC के एग्जाम, 2018 में केवल 8 हुए सफल
सांकेतिक फोटो
फर्स्टपोस्ट.कॉम
Updated: January 2, 2019, 11:55 AM IST
हाल के कुछ वर्षों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित होने वाली सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) को पास करने वाले हिंदी मीडियम उम्मीदवारों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBNSAA) में ट्रेनिंग ले रहे 370 अधिकारियों में से सिर्फ 8 ने सिविल सर्विस की परीक्षा हिंदी में दी थी. वहीं 2013 में 202 में से 48 उम्मीदवारों ने हिंदी में परीक्षा पास की थी.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 2013 के बाद से ही हिंदी में सिविल सर्विस परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. बात सिर्फ हिंदी में परीक्षा देने तक ही सीमित नहीं है. सिविल सर्विस में चयन होने वाले हिंदी मीडियम स्कूल और यूनिवर्सिटी से पढ़े उम्मीदवारों की संख्या भी काफी घट गई है. इसके ठीक उलट, डेटा के मुताबिक अंग्रेजी माध्यम को चुनने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

ये भी पढ़ें- रेलवे सुरक्षा बल ने 10वीं पास के लिए निकाली बंपर भर्तियां, आज से शुरू हुए आवेदन

ये भी पढ़ें- SSC ने मंगाए 773 पदों के लिए आवेदन, जानें वैकेंसी से जुड़े सारे डिटेल्स

LBNSAA की वेबसाइट पर मौजूद चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट की एनालिसिस करने के बाद यह पता चलता है कि 2013 हिंदी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले 17 प्रतिशत थे. 2014 में यह आंकड़ा 2.11 प्रतिशत था, 2015 में 4.28 प्रतिशत, 2016 में 3.45 प्रतिशत और 2017 में 4.06 प्रतिशत था. हिंदी मीडियम से 2018 में चयनित उम्मीदवारों की संख्या मात्र 2.16 प्रतिशत है.

ये भी पढ़ें- ISRO में निकली है वैकेंसी, साइंटिस्ट-इंजीनियर बनने के लिए करें अप्लाई

सिविल सेवा में चयनित होने वाले हिंदी मीडियम उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट दर्ज होने का सिलसिला 2011 के बाद शुरू हुआ. इसी साल सरकार ने सीसैट (CSAT) लाने का ऐलान कर दिया था. इसके बाद 2013 में सिविल सर्विस मेन परीक्षा में भी बदलाव किया गया था. दो वैकल्पिक विषयों की बजाय एक विषय को विकल्प के तौर पर छात्र चुन सकते थे.
Loading...

ये भी पढ़ें- पंचायत सेक्रेटरी के 1 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां, यहां जानें आवेदन का तरीका

दिल्ली के मुखर्जी नगर में UPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों ने सीसैट से प्रभावित होने के कारण अपने लिए छूट की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया. उनका कहना है कि सीसैट एग्जाम पैटर्न को लेकर जो छात्र प्रभावित हुए उन छात्रों को 2019, 2020 और 2021 की परीक्षा देने के लिए इजाजत दी जाए.

सरकारी नौकरियों की दूसरी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर