UPSC Preparation Tips: खुद का मूल्यांकन करना है जरूरी, मुख्य परीक्षा के पहले जरूर करें ये काम

IAS की मुख्य परीक्षा के पहले अपना मूल्यांकन कर लेना जरूरी है.
IAS की मुख्य परीक्षा के पहले अपना मूल्यांकन कर लेना जरूरी है.

UPSC Preparation Tips: विपरीत परिस्थितियों एवं कानूनी झमेलों के बावजूद 4 अक्टूबर को पूरे देश में देश की सबसे बड़ी सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 9:18 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) हमारे देश की उन सबसे महत्वपूर्ण एवं आधारभूत लोकतांत्रिक संस्थाओं में से एक है, जिसने अपनी स्थापना के 94 साल से लेकर आज तक अपनी गरिमा को बनाये रखा है - अनुशासन की दृष्टि से और विश्सनीयता की दृष्टि से भी. इतनी विपरीत परिस्थितियों एवं कानूनी झमेलों के बावजूद 4 अक्टूबर को पूरे देश में देश की सबसे बड़ी सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन करके इसने एक बार फिर से इसका प्रमाण प्रस्तुत कर दिया है.

अब, जबकि प्रारम्भिक परीक्षा हो चुकी है, तथा काफी पहले से अगले वर्ष की परीक्षाओं की तिथियां घोषित की जा चुकी हैं, मैं सिविल सर्वेंन्ट बनने के लिए उत्सुक युवाओं से कुछ कहना चाहूंगा. मेरा यह कहना सबसे पहले उनसे है, जिन्होंने अभी-अभी प्रारम्भिक परीक्षा दी है.

यदि आपको लगता है कि इसमें आपका स्कोर 50 प्रतिशत के आसपास (सामान्य वर्ग के लिए) तो आ ही जायेगा, तो आपको देरी किये बिना ही तुरंत मुख्य परीक्षा की तैयारी में लग जाना चाहिए. इसके लिए अभी आपके पास तीन महीने से कुछ ही दिन अधिक हैं, और इन दोनों परीक्षाओं के बीच हमेशा लगभग-लगभग इतना ही गैप रखा जाता है.



प्रारम्भिक परीक्षा का परिणाम चाहे जो भी हो, आपको एक उबाऊ जैसा लगने वाला काम जरूर करना चाहिए, और वह भी जल्दी ही, एक-दो दिनों में ही. आपको चाहिए कि आप अपनी इस परीक्षा का विश्लेषण करें, और इन्हें नोट भी कर लें. यह मैं आपको अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं. ईश्वर करे कि आपको अगली प्रारम्भिक परीक्षा न देनी पड़े. लेकिन खुदा-न-खास्ता, यदि देनी पड़ गई तो, जिसकी कुछ ज्यादा ही संभावना रहती है, आप अपना यह विश्लेषण खूब विस्तार के साथ करें. इसके जितने ज्यादा आयामों पर आप अपनी कलम चला सकें, चलायें. उदाहरण के तौर पर यह कि परीक्षा के दिन तक आपकी तैयारी का स्तर क्या था. आपने किन-किन टॉपिक्स को छोड़ दिया था, और इन छोड़े हुए टॉपिक्स का क्या प्रभाव आपके ऊपर और आपकी परीक्षा पर पड़ा. परीक्षा के दिनों में और परीक्षा हॉल में आपके आत्मविश्वास की स्थिति क्या थी.
फिर पेपर मिलने से लेकर परीक्षा पूरी होने तक का विश्लेषण पूरी बारीकी एवं व्यापकता के साथ करें. लिखें कि किन-किन प्रश्नों के उत्तर को लेकर आप भ्रमित हो गये थे, और ऐसा क्यों हुआ. आपने कुल कितने प्रश्न हल किये. इनमें बिल्कुल सही कितने थे, और कितने अनुमान पर आधारित थे. यदि कुछ प्रश्न छूट गये, तो क्यों छूट गये. इस दौरान समय का आपका प्रबंधन कैसा रहा आदि-आदि. यहां मैंने संकेत के रूप में कुछ ही तथ्यों की चर्चा की है. यह लिस्ट बहुत लम्बी है, और चाहिए कि आप अनुभव तथा अपनी आवश्यता के अनुसार इसे और भी लम्बी करें.

अंत में आपको अपने इस विश्लेषण के निचोड़ के रूप में अगली परीक्षा की रणनीति के लिए कुछ बिन्दु नोट करने चाहिए. ये बिन्दु भविष्य के लिए बहुत अच्छे लाइटहाउस का काम करते हैं. जो किसी भी कारण से परीक्षा में नही बैठ पाये, बेहतर होगा कि वे भी अपना विश्लेषण करें, और इस दृष्टि से करें कि “फार्म भरने के बावजूद मैं परीक्षा में क्यों नहीं बैठ पाया.” इससे उन्हें भविष्य के लिए प्रेरणा मिलेगी, और वे स्वयं को उन्हीं गलतियों को दुहराने से बचा सकेंगे.
(लेखक पूर्व सिविल सर्वेंट और afeias के संस्थापक है)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज