यूपीएससी रिजल्ट 2019: मिलिए यूपीएससी में चौथी रैंक पाने वाले हिमांशु जैन से

यूपीएससी रिजल्ट 2019: मिलिए यूपीएससी में चौथी रैंक पाने वाले हिमांशु जैन से
यूपीएससी क्लीयर करने के लिए विज़न क्लियर होना बहुत जरूरी है.

हिमांशु ने बताया कि मेरे दादा जी का आशीर्वाद और परिवार के सहयोग के कारण ही में आज इस परीक्षा को पास कर पाया हूं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने यूपीएससी के 2019 के एग्जाम के नतीजों का ऐलान कर दिया है. यह नतीजे आने के बाद कई युवाओं के सपने अब पूरे होने वाले हैं. इन्हीं में से एक हिमांशु जैन जिन्होंने यूपीएससी में चौथी रैंक प्राप्त की है. हिमांशु हरियाणा होटल के मूल निवासी हैं लेकिन पिछले 10 सालों से दिल्ली में रह रहे हैं. हिमांशु बिजनेस फैमिली से आते हैं. पिता सचिन जैन और दादा बिजनेस करते हैं. मां ऋतु जैन घर संभालती है. छोटा भाई मुंबई में रहकर लॉ की पढ़ाई कर रहा है.

दादा का सपना था कि तुझे अफसर बनाऊंगा
हिमांशु ने बताया कि सिविल सर्विस में आने के पीछे उसके दादा का सबसे बड़ा हाथ है. उसके दादा ओम प्रकाश जैन शुरू से कहते थे कि बिजनेस में कुछ नहीं रखा. मैं अपने बेटे को अफसर बनाऊंगा और आज मेरे दादा जी का सपना पूरा होने जा रहा है. हिमांशु ने बताया कि मेरे दादा जी का आशीर्वाद और परिवार के सहयोग के कारण ही में आज इस परीक्षा को पास कर पाया हूं.

दूसरी बार में पाई सफलता
यूपीएससी परीक्षा में चौथी रैंक पाने वाले हिमांशु जैन ने बताया, कॉलेज खत्म करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी थी. लेकिन सफलता नहीं मिली उसके बाद उन्होंने ठाना कि जो चूक हुई है उसको सुधारते हुए इस बार सफलता पानी है. अब उनका सपना पूरा होता नजर आ रहा है हिमांशु ने बताया कि आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं.



हिमांशु ने बताया कि परीक्षा में सफलता पाने के लिए उनका मूल मंत्र था कि देश के लिए अपने तरीके से कुछ करना है और किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना. इसीलिए उन्होंने सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू की. हिमांशु ने बताया कि साधन का सही इस्तेमाल कर लोगों की सेवा करना उनका लक्ष्य है. हिमांशु ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र है कि अभी सफ़र की शुरुआत हुई है यह अंत नहीं.

दोस्तों ने दी फोन पर खबर
हिमांशु ने बताया कि मेरे पापा की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी. आज जब उन्हें डिस्चार्ज मिलने की खुशी थी उसी वक्त दोस्तों ने फोन कर कर बताया कि मैंने सिविल परीक्षा में फोर्थ रैंक पाई है. तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था.

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मुझे अपने माता-पिता को मुझ पर गर्व है. अब मैं अपने देश अपने परिवार के लिए कुछ कर पाऊंगा. हिमांशु ने बताया कि पढ़ाई करने के साथ मुझे खाने का भी बेहद शौक है पिछले 10 सालों से दिल्ली में  हूं. दिल्ली के छोले भटूरे और मलाई चाप उनकी पहली पसंद है.
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