UPSC Result 2019: रोजाना 15 घंटे पढ़ाई, किसी ने छोड़ी नौकरी तो कोई कबड्डी प्लेयर...यूपीएससी टॉपर्स की अनूठी कहानियां

UPSC Result 2019: रोजाना 15 घंटे पढ़ाई, किसी ने छोड़ी नौकरी तो कोई कबड्डी प्लेयर...यूपीएससी टॉपर्स की अनूठी कहानियां
यूपीएससी एग्जाम 2019 में कुल 829 उम्मीदवारों का चयन किया गया है.

upsc result 2019: यूपीएससी एग्जाम 2019 के नतीजों का ऐलान मंगलवार 4 अगस्त को किया गया. कुल 829 उम्मीदवारों का चयन हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 1:41 PM IST
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नई दिल्ली. यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) ने यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2019 के नतीजों का ऐलान कर दिया है. कुल 829 उम्मीदवारों का चयन किया गया है, जिनमें हरियाणा के प्रदीप सिंह ने टॉप किया है. हालांकि सफलता की ये कहानी सिर्फ टॉपर के इर्द-गिर्द ही नहीं घूमती. बल्कि सफल उम्मीदवारों में कई ऐसे हैं, जिन्होंने संघर्ष पथ पर मजबूती से चलते हुए सफलता के शिखर को छूने में कामयाबी हासिल की. किसी ने अपनी नौकरी छोड़ी तो किसी ने रोज 15 घंटे पढ़ाई कर ये राह तय की. आइए जानते हैं यूपीएससी के इन नायक-नायिकाओं के बारे में.

जज की बेटी ने फहराया परचम
प्रयागराज निवासी 22 साल की अनन्या सिंह ने यूपीएससी एग्जाम में 51वीं रैंक हासिल की है. नई दिल्ली स्थित श्रीराम कॉलेज आफ कॉमर्स से ग्रेजुएट अनन्या के पिता पूर्व जिला जज और मां आईईआरटी में पूर्व सीनियर लेक्चरार थीं. अनन्या ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी एग्जाम क्रैक किया. अनन्या आईसीएसई बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की जिला टॉपर भी रह चुकी हैं. 2013 में दसवीं में उन्होंने 96 प्रतिशत तो 2015 में बारहवीं में 98.25 फीसदी अंक हासिल किए थे. अनन्या ने बताया मैंने स्कूल के दिनों में ही आईएएस बनने का सपना पाल लिया था, लेकिन असली तैयारी साल 2017-2018 में शुरू हुई. मैं सात से आठ घंटे रोजाना पढ़ती थी.

IAS अफसर की बेटी को मिली 74वीं रैंक
पंजाब काडर के आईएएस अफसर राजी पी. श्रीवास्तव की बेटी रिधिमा ने यूपीएससी एग्जाम में 74वीं रैंक हासिल की है. रिधिमा ने पीईसी चंडीगढ़ से इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीई किया है. उन्होंने यूपीएससी में अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की. रिधिमा ने सिविल सर्विस एग्जामिनेशन में सोशियालॉजी विषय लिया. इसके अलावा वह फिटनेस को लेकर बहुत सजग रहती हैैं. साथ ही स्ट्रीट डॉग्स की देखभाल करती हैं.



ओडिशा के 20 से ज्यादा कैंडीडेट सफल, संजिता को दसवां स्थान
यूपीएससी एग्जाम 2019 में संजिता मोहापात्रा ने दसवीं रैंक हासिल की. राउरकेला निवासी संजिता ने सीईटी भुवनेश्वर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की. इसके बाद राउरकेला स्टील प्लाइंट में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर ज्वाइन किया. यहां वे 2013 से 2018 तक रहीं. इसके बाद उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी. संजिता ने पिछले साल ओडिशा प्रशासनिक सेवा परीक्षा में राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन नौकरी ज्वाइन नहीं की और आईएएस की तैयारियों में जुट गईं.

रेलवे अफसर के बेटे अनूप को मिली 120वीं रैंक
दिल्ली यूनिवर्सिटी से जूलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले ओडिशा के अनूप दास जगतसिंहपुर में रहते हैं. यूपीएससी एग्जाम में 120वीं रैंक पाने वाले अनूप रेलवे अफसर के बेटे हैं. अनूप का कहना है कि बिना पैनलिस्ट की प्रतिक्रिया देखे इंटरव्यू देना अनूठा अनुभव रहा. उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं से कहा कि किताबी कीड़ा बनने की बजाय कुछ शौक भी होने चाहिए, जिससे मानसिक रूप से रिलेक्स रहने में मदद मिलती है.

मां टेलर, पिता वेंडर...बेटे ने किया नाम रोशन
कुमार बिस्वारंजन की मां टेलर और पिता वेंडर हैं. यूपीएससी एग्जाम में 182वीं रैंक हासिल करने वाले कुमार ने अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की.

पूर्व सरपंच के बेटे ने पाई मंजिल
मानस रंजन साहू 2017 बैच के ओएएस हैं जो राउरकेला तहसीलदार के तौर पर कार्यरत हैं. उन्होंने साल 2014 में आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. उनके पिता ओडिशा के जरायकेला गांवा के पूर्व सरपंच रह चुके हैं. मानस ने बताया, पिछले साल मैंने प्रिलिमिनरी और मेन एग्जाम में सफल हो गया था, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिली.

आगरा की दलित लड़की ने 121वीं रैंक पाकर दिखाया दम
नेहा बंधु आगरा की नैनाणा जाट विलेज की रहने वाली हैं और इस बार उन्होंने यूपीएससी एग्जाम में 121वीं रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है. दलित समुदाय से आने वाले नेहा फिलहाल इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस में बतौर ट्रेनी काम कर रही हैं. साल 2017 में नेहा ने अपने पहले प्रयास में नेहा ने 954वीं रैंक हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने एक्स्ट्रा आर्डिनरी लीव लेकर अपनी बहन के साथ पढ़ाई की जो इटावा जिले में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट हैं. दिलचस्प बात है कि नेहा स्टेट लेवल कबड्डी प्लेयर भी रह चुकी हैं. उन्हें डांस का शौक है.

दस से 15 घंटे पढ़ाई और फिर पाई 19वीं रैंक
भागलपुर जिले के श्रेष्ठ अनुपम ने यूपीएससी एग्जाम में 19वीं रैंक हासिल की. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से कैमिकल इंजीनियरिंग की है. अनुपम ने अपनी सफलता के बारे में बताया, मैं दिन में 10 से 15 घंटे पढ़ाई करता था. मनोरंजन के लिए मैं नॉवल्स पढ़ता था. उन्होंने कहा, मेरी मां ने हमेशा मुझे कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया. ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपने पिता के लिए इस एग्जाम की तैयारी की क्योंकि यूपीएससी क्रैक करना उनका सपना था.



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किसान के बेटे को मिली 52वीं रैंक
समस्तीपुर जिले के ओम कांत ठाकुर ने यूपीएससी एग्जाम में 52वीं रैंक पाई है. किसान केदार नाथ ठाकुर के बेटे ओम को इससे पहले यूपीएससी 2017 एग्जाम में 396वीं रैंक मिली थी. उन्हें आईटीएस के लिए चुना गया था. ये उनका चौथा प्रयास था.

डॉक्टर परिवार में यूपीएससी क्लीयर
बिहार की दिव्या शक्ति ने अपने दूसरे प्रयास में 79वीं रैंक हासिल की है. 28 साल की दिव्या बिहार के डॉक्टर परिवार से ताल्लुक रखती हैं. दिव्या ने कहा, मैं पहले प्रयास में यूपीएससी प्रिलिमिनरी एग्जाम क्लीयर नहीं कर पाई लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत करते हुए अगले साल 79वीं रैंक हासिल की.
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