UPSC Toppers Success Stories: सेना से 3 बार निकाले जाने के बाद भी हार नहीं मानी, अब IPS अधिकारी बन कर रहे देश की सेवा

इंगित प्रताप सिंह दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं

UPSC Toppers Success Stories: यूपीएससी की तैयारियों से जुड़े अनुभव बताते हुए 2011 बैच के आइपीएस (IPS) अधिकारी इंगित प्रताप सिंह (Ingit Pratap Singh) ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.

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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) बनने के इच्छुक छात्रों (Students) के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की है. इस कार्यक्रम में दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के साथ एक आईएएस और एक आईपीएस अधिकरी भाग लेते हैं और छात्रों के हर सवाल के जवाब देते हैं. सोमवार को दिल्ली सरकार की पहल पर दूसरा सत्र का आयोजन किया गया. दूसरी सीरीज में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश (Udit Prakash) और दक्षिण-पश्चिम जिला के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह (Ingit Pratap Singh) ने स्टूडेंट के साथ अपनी यूपीएससी (UPSC) की तैयारी संबंधी अनुभवों को शेयर किया. इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले आईपीएस अधिकारी इंगित प्रताप सिंह ने अपने साथ जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वह सेना (Army) से तीन बार स्वास्थ्य कारणों से निकाले जाने के बाद भी हार नहीं मानी. सिंह ने कहा कि वह लगातार मेहनत कर अपना लक्ष्य हासिल किया.

दिल्ली सरकार ने शुरू की है पहल
बता दें कि यूपीएससी का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के साथ युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारी हर महीने संवाद करते हैं और पढ़ाई और तैयारी से जुड़े अपने अनुभव शेयर करते हैं. दिल्ली सरकार की पहल पर यह कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. इससे विद्यार्थियों को यूपीएससी परीक्षा की समझ पैदा होती है तथा स्टडी प्लान बनाने में मदद मिलती है.

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यूपीएससी का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के साथ युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारी हर महीने संवाद करते हैं.


आईएएस और आईपीएस करते हैं अनुभव शेयर
इस कड़ी की दूसरी सीरीज में सोमवार को दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश और दक्षिण-पश्चिम जिला के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने स्टूडेंट के साथ अपनी यूपीएससी की तैयारी संबंधी अनुभव शेयर किए. दिल्ली सरकार के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 75 बच्चों के साथ इस कार्यक्रम में लगभग 10000 बच्चे यूट्यूब लाइव के माध्यम से जुड़े.

सेना से तीन बार निकाले गए- इंगित प्रताप सिंह
इस कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी इंगित प्रताप सिंह ने लगन, एकाग्रता, कड़ी मेहनत और अनुशासन को सफलता का मूलमंत्र बताया. वहीं आईएएस उदित प्रकाश ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें उच्च उद्देश्य को प्राप्त करवाना दिल्ली सरकार का लक्ष्य है. अपनी यूपीएससी की तैयारियों से जुड़े अनुभव बताते हुए 2011 बैच के आइपीएस अधिकारी इंगित प्रताप सिंह ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. उन्होंने बताया कि सेना से 3 बार चिकित्सकीय कारणों से निकाले जाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर मेहनत करते रहे. यूपीएसई की तैयारी केवल ट्रेलर है असली काम तो सर्विस में आने के बाद शुरू होता है.

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इंगित प्रताप सिंह ने कहा कि हर बार जब आप असफल होते हैं तो आपको काम करते रहना होगा.


एक दरवाजा बंद है तो दूसरे पर दस्तक दें- इंगित प्रताप सिंह
इंगित प्रताप सिंह ने कहा कि हर बार जब आप असफल होते हैं तो आपको काम करते रहना होगा. आप हार नहीं मान सकते. यदि एक दरवाजा बंद है तो दूसरे पर दस्तक दें. उन्होंने कहा कि तैयारी के लिए विषयों का केवल सतही ज्ञान नहीं होना चाहिए. यूपीएसई परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए गहन ज्ञान होना ज़्यादा जरूरी है. छात्रों को उन विषयों को चुनना चाहिए, जिनमें उनकी रुचि हो.

शिक्षा निदेशक ने कही यह बात
शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश राय ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से दिल्ली सरकार का प्रयास यूपीएसई की तैयारी के मिथ्यों को दूर कर बच्चों में आत्मविश्वास जगाना है. राय ने बताया कि इंगित प्रताप सिंह की मां दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. उन्होंने छात्रों से कहा की आपके और हमारे बीच कोई अंतर नहीं है. एक समय पर हम आपकी जगह ही थे. कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आप अपने सपनों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे और कई लोगों के लिए प्रेरणा बन जाएंगे.

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कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आप अपने सपनों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे- शिक्षा निदेशक


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इस मौके पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी सर्वोदय बाल विद्यालय रॉउज एवेन्यू में इस कार्यक्रम में शामिल हुए और छात्रों से कहा कि वे पूरे जुनून के साथ अपने सपने का पालन करें. केवल अंकों के लिए पढ़ाई नहीं करनी चाहिए बल्कि सीखने के लिए पढ़ाई करनी चाहिए. इस तरह अध्ययन कभी बोझ जैसा नहीं लगता है. ज्ञान और कौशल के साथ-साथ व्यक्ति को अपने सपनों के प्रति तत्पर होना चाहिए.

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