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उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में निगेटिव मार्किंग से एसे बचें

News18Hindi
Updated: December 13, 2019, 11:03 AM IST
उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में निगेटिव मार्किंग से एसे बचें
यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की निगेटिव मार्किंग होगी.

प्रश्न हल करने के साथ-साथ गोला भरते रहें. पूरे प्रश्न पत्र को हल कर, अंत में जल्दबाजी में एक प्रश्न के छूटने या क्रम गड़बड़ होने पर सभी उत्तर गलत हो सकते हैं.

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  • Last Updated: December 13, 2019, 11:03 AM IST
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उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीपीसीएस) ने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर परिवर्तन है. प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की निगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया गया है. इस बदलाव की खास वजह तुक्केबाजी जवाब देने को रोकना है.

उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं. सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न पत्र और सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र. प्रथम प्रश्न पत्र में 200 नंबर के 150 प्रश्न पूछे जाते हैं. इसकी मेरिट के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा में चयन होता है. सेलेक्शन के लिए कट ऑफ 70 प्रतिशत के आस-पास रहता है. सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र में सीसैट से संबंधित 200 अंकों के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं. ये प्रश्न पत्र क्वालिफाइंग है. इसमें 33 प्रतिशत नंबर लाने ज़रूरी हैं. जानें निगेटिव मार्किंग से कैसे बचा जाए.

-निगेटिव मार्किंग की स्थिति में उन्हीं प्रश्नों को हल करना चाहिए, जिनके उत्तर पर आप पूरी तरह से निश्चित हों.
-जब आपको 70 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों के सही उत्तर मालूम हो तब तुक्केबाजी की रणनीति, प्रायिकता के सिद्धान्त पर बनाएं.

-जिन प्रश्नों के बारे में कुछ भी नहीं पता, उन्हें हल करने की कोशिश न करें.
-जिन प्रश्नों के एक या दो विकल्प के बारे में श्योर हो, तब तुक्केबाजी का जोखिम उठाएं. प्रायिकता सिद्धान्त के अनुसार ऐसा करने पर लाभ नहीं होगा तो नुकसान भी नहीं होगा.
-पूरे प्रश्न पत्र को दो चरणों में पढ़ें. पहले चरण में जिन प्रश्नों के उत्तर आते हैं उन्हें हल करें.-दूसरे चरण में कठिन और ऐसे प्रश्नों को हल करें, जिनके सही उत्तर में कन्फ्यूजन है.
-ज्यादातर मामलो में दिमाग जिस विकल्प को पहली बार में क्लिक करता है, वह उत्तर सही होता है.
-प्रश्न को अंत तक और सभी विकल्पों को पढ़ें. जल्दबाजी में अधूरे प्रश्न को पढ़कर उत्तर देने से आते हुए प्रश्न गलत हो जाते हैं.

टाइम मैंनेजमेंट- पढ़ने की स्पीड, गोला भरने की स्पीड से तेज होनी चाहिए. स्पीड कम होने की स्थिति में प्रश्न छूटने की संभावना रहती है.

-प्रश्न हल करने के साथ-साथ गोला भरते रहें. पूरे प्रश्न पत्र को हल करने का इंतजार न करें. अंत में जल्दबाजी में एक प्रश्न के छूटने या क्रम गड़बड़ होने पर सभी उत्तर गलत हो सकते हैं.

तैयारी में एक ही पुस्तक को कई बार पढ़ें. कॉन्सेप्ट अच्छी तरह समझें. परीक्षा हॉल में दुविधा न हो. आंकड़े वाले प्रश्नों के तथ्यों को बार-बार पढ़कर याद करें. (निगेटिव मार्किंग से बचने की सलाह उत्तर प्रदेश के पीसीएस अधिकारी देवाशीष उपाध्याय के मुताबिक)

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First published: December 13, 2019, 11:03 AM IST
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