विश्व हिंदू परिषद ने TDB स्कूलों में अरबी के टीचर्स को बताया गैरज़रूरी

विश्व हिंदू परिषद ने TDB स्कूलों में अरबी के टीचर्स को बताया गैरज़रूरी
स्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई को अनिवार्य किये जाने की मांग की. (सांकेतिक तस्वीर)

श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में समर्पित की जाने वाली धनराशि से संचालित विद्यालयों में अरबी के शिक्षण पर व्यय को अनुचित बताया.

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नई दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी), केरल द्वारा संचालित विद्यालयों में अरबी भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति को बुधवार को अनुचित बताया.

 संस्कृत भाषा की पढ़ाई अनिवार्य 
केन्द्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार  ने साथ ही मांग की कि बोर्ड के अधीन आने वाले स्कूलों में संस्कृत भाषा की पढ़ाई अनिवार्य की जानी चाहिए.

अरबी-भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति
कुमार ने एक बयान में कहा कि विहिप को ज्ञात हुआ है कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड केरल में अपने प्रबंधन-संचालन के अधीन आने वाले विद्यालयों में अरबी-भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति कर रहा है.



अरबी के शिक्षण पर व्यय अनुचित 
उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में समर्पित की जाने वाली धनराशि से संचालित विद्यालयों में अरबी के शिक्षण पर व्यय को अनुचित बताते हुए बोर्ड संचालित स्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई को अनिवार्य किये जाने की मांग की.

त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड
बता दें कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड वही बोर्ड है जो सबरीमाला मंदिर का संचालन करता है. बोर्ड के अध्यक्ष ए पदमकुमार हैं. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर बोर्ड ने सभी आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत के आदेश का समर्थन किया था.

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विश्व हिंदू परिषद
विश्व हिन्दू परिषद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एक अनुषांगिक संगठन है. इसकी की स्थापना 1964 में हुई. विहिप का चिन्ह बरगद का पेड़ यानी वृट वृक्ष है. इसका ध्येय वाक्य है, "धर्मो रक्षति रक्षित:" यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है.
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