Success Story: बीमार था पिता, भाई ने रिक्शा चलाकर पढ़ाया, पीसीएस परीक्षा पास कर बहन बनी डिप्टी कलेक्टर

Success Story: बीमार था पिता, भाई ने रिक्शा चलाकर पढ़ाया, पीसीएस परीक्षा पास कर बहन बनी डिप्टी कलेक्टर
वसीमा शेख को महिला टॉपर्स लिस्ट में तीसरा स्थान मिला है.

वसीमा शेख की छोटी बहन भी एमपीएससी की तैयारी कर रही है. नौकरी पाने के बाद उनको गरीबी से निजात मिली. वसीमा अपनी सफलता का श्रेय भाई और मां को ही देती हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. अक्सर हम सुनते हैं कि काफी मुश्किलों का सामना करके लोग सफलता की सीढियां चढ़ते हैं. महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (Maharashtra Public Service Commission, MPSC) की परीक्षा में महिला टॉपर्स लिस्ट में तीसरा स्थान पाने वाली वसीमा शेख की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वसीमा ने गरीबी से लड़कर इस सफलता को हासिल किया है. अब वह डिप्टी कलेक्टर बनेंगी.

बीमार हैं पिता
वसीमा महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले के जोशी सांघवी गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं जिसकी वजह से घर की जिम्मेदारी उनके भाई के कंधों पर आ पड़ी. वसीमा के भाई रिक्शा चलाते हैं. घर के खर्च में हाथ बंटाने के लिए मां दूसरों के यहां काम करती हैं.

अमीरी-गरीबी नहीं रखती कोई मायने
वसीमा 4 बहनों और 2 भाइयों में चौथे नंबर की हैं. वसीमा का एक अन्य भाई आर्टिफिशियल ज्वेलरी की छोटी-सी दुकान चलाता है. वसीमा कहती हैं कि अगर आपको कुछ बनना है, तो अमीरी-गरीबी कोई मायने नहीं रखती.



ये भी पढ़ेंः
CBSE के जुलाई में होने वाले एग्जाम रद्द होंगे, छात्रों के पास अब ये विकल्प
ICSE बोर्ड ने कैंसिल की परीक्षा, फॉलो करेगा सीबीएसई बोर्ड का पैटर्न

पहले भी एमपीएससी पास कर चुकी हैं वसीमा
ऐसा नहीं है कि वसीमा ने पहली बार यह परीक्षा पास की है. वह इससे पहले भी एमपीएससी की परीक्षा पास कर चुकी हैं. साल 2018 में इसी परीक्षा को पास करके वह सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर बन गई थीं. उनकी छोटी बहन भी एमपीएससी की तैयारी कर रही है. नौकरी पाने के बाद उनको गरीबी से निजात मिली. वसीमा अपनी सफलता का श्रेय भाई और मां को ही देती हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज