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कोरोना से लड़ने के लिए 11वीं की छात्रा ने बनाया मास्क, दावा किया-तुरंत कर देगा वायरस का खात्मा!

कोरोना से लड़ने के लिए 11वीं की छात्रा ने बनाया मास्क, दावा किया-तुरंत कर देगा वायरस का खात्मा!

कोरोना वायरस के चलते भारत में 950 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

कोरोना वायरस के चलते भारत में 950 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

दुनियाभर में डॉक्टर (Doctor) और नर्सें अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना (Coronavirus) पीड़ितों के इलाज में जुटे हैं.

    नई दिल्ली. ऐसे समय में जबकि कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में भारत का हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहा है, 11वीं क्लास की एक छात्रा ने एक कदम आगे जाकर डॉक्टर्स और नर्स की जान बचाने का बीड़ा उठाया है. दरअसल, इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल स्थित बर्दवान जिले के एक स्कूल की छात्रा ने ऐसा मास्क (Mask) बनाने में सफलता हासिल की है, जो कोरोना वायरस के खिलाफ डॉक्टर्स और नर्सों को उच्च स्तरीय सुरक्षा देगा. दिगांतिका नाम की इस छात्रा ने नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित कोविड-19 चैलेंज में हिस्सा लेकर हवा उपलब्ध कराने और वायरस का खात्मा करने वाला मास्क बनाया है.

    11वीं क्लास में पढ़ने वाली दिगांतिका ने दावा किया है कि कोविड-19 से पीड़ित मरीज का इलाज करने के दौरान उससे आने वाले वायरस (Coronavirus) को ये मास्क खत्म कर देगा. दावे के अनुसार, ये मास्क न केवल कोरोना वायरस से लोगों को बचाएगा बल्कि अपने संपर्क में आते ही वायरस को तुरंत प्रभाव से खत्म भी कर देगा.

    जल्द लाया जा सकता है बाजार में
    खास बात ये है कि इस मास्क (Mask) को साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय के नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन से मान्यता मिल गई है. नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के इस अभियान का मकसद जमीनी स्तर पर ऐसा मास्क बनाने के आइडिया को विकसित करने के लिए मंच प्रदान करना है जो कोरोना वायरस के खिलाफ मददगार हो. दिगांतिका के इस मास्क को यूनियन मिनिस्ट्री आफ टेक्नोलॉजी से भी मंजूरी मिल गई है और इसे बाजार में जल्द ही उतारा जा सकता है.

    जानिए, कैसा है मास्क
    इस मास्क (Mask) में तीन लेयर हैं. पहली लेयर में इलेक्ट्रॉन फिल्टर लगा है जबकि दूसरी लेयर को दो हिस्सों में बांटा गया है. तीसरी लेयर में भी दो हिस्से हैं, जिनमें 30 एमएल की जगह में एक केमिकल भरा गया है. दिगांतिका के अनुसार, इस मास्क में लगे वॉल्व और फिल्टर्स लगे हैं. वॉल्व से हवा स्वच्छ होकर फेफड़ों में पहुंचती है, वहीं फिल्टर्स हवा के जरिये शरीर में घुसने वाले वायरस को मार देता है. नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन से मान्यता मिलने के बाद दिगांतिका के पिता सुदीप्तो बोस ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है.

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    Tags: Coronavirus in India, Covid19, Mask, School, West bengal

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