जानिए क्या है हैप्पीनेस क्लास? जिसे देखने मेलानिया ट्रंप दिल्ली की स्कूलों में पहुंची हैं

दिल्ली की स्कूलों में बच्चों से मिलतीं मेलानिया ट्रंप.

'हैप्पीनेस करिकुलम' के तहत नर्सरी से 8वीं क्लास तक के बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत करना है. स्कूलों में रोज करीब 45 मिनट का 'हैप्पीनेस' क्लास है. इस क्लास की शुरुआत 5 मिनट के मेडीटेशन के साथ होती है.

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    नई दिल्ली. आज यानी की 25 फरवरी को दुनिया की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप दिल्ली की सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस क्लास को देखने पहुंची हैं. हालांकि इस दौरे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उनके साथ नहीं हैं. मेलानिया ट्रंप दक्षिणी दिल्ली के सरकारी स्कूल में हैप्पीनेस क्लास को देखने के लिए जा रही हैं. वहां मेलानिया करीब एक घंटे तक रुकेंगी. आइए जानते हैं कि हैप्पीनेस करिकुलम क्या है और इसमें बच्चों को क्या सिखाया जाता है.

    हैप्पीनेस करिकुलम क्या है ?
    हैप्पीनेस करिकुलम को केजरीवाल सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की पहल पर सरकारी स्कूलों में लागू किया गया है. इसके तहत नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को रोजाना पहला पीरियड यानी 40 मिनट उनकी हैप्पीनेस पर ध्यान दिया जाता है. हैप्पीनेस करिकुलम के तहत बच्चों को मेडिटेशन कराया जाता है, ज्ञानवर्धक और नैतिकता संबंधित कहानियां सुनाई जाती हैं.



    बच्चों को इस क्लास की कोई परीक्षा नहीं देनी होती. दिल्ली के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का दावा है कि इससे बच्चे खुश रहते हैं और उनका पढ़ाई में पहले से ज्यादा मन लगता है. दोनों का दावा है कि इस पहल के बाद से बच्चे अपने माता-पिता और अध्यापकों की पहले से ज्यादा इज्जत कर रहे हैं और तनावमुक्त होकर पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं.

    'हैप्पीनेस करिकुलम' में किन बच्चों को पढ़ाया जाता है
    'हैप्पीनेस करिकुलम' के तहत नर्सरी से 8वीं क्लास तक के बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत करना है. स्कूलों में रोज करीब 45 मिनट का 'हैप्पीनेस' क्लास है. इस क्लास की शुरुआत 5 मिनट के मेडीटेशन के साथ होती है.



    'हैप्पीनेस करिकुलम' कोर्स में बच्चों को कहानियों के जरिए अच्छी बातें सिखाई जाती है. सरकार इस योजना पर एक किताब भी जारी की है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेडिटेशन बच्चों को गुस्सा, नफरत और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक भावनाओं से बचाए रखेगा.

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