12वीं के बाद नर्सिंग में करियर के लिए क्या करें, जानें डिटेल

ANM नर्सिंग का एक डिप्लोमा (Diploma) कोर्स है. 12वीं के बाद स्टूडेंट्स इसमें एडमिशन ले सकते हैं.

ANM नर्सिंग का एक डिप्लोमा (Diploma) कोर्स है. 12वीं के बाद स्टूडेंट्स इसमें एडमिशन ले सकते हैं.

इन कोर्सेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट का पिछला शैक्षणिक रिकॉर्ड और योग्यता को तरजीह दी जाती है. 12वीं के बाद नर्सिंग कोर्स में दाखिले के लिए साइंस (Science) या आर्ट्स (Arts) कोर्सेज का कोई बंधन नहीं है.

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नई दिल्ली. भारत में मेडिकल (Medical) सुविधाओं की बढ़ोतरी के साथ नर्सिंग (Nursing) कोर्सेज की डिमांड (Demand) भी तेजी से बढ़ती जा रही है. सरकारी हेल्थकेयर (Healthcare) संस्थान हों या फिर प्राइवेट हॉस्पिटल्स (Hospitals) सभी जगह हमेशा ट्रेंड नर्सेज की बहुत डिमांड रहती है. Covid-19 महामारी में तो इनकी भूमिका और ज्यादा उभरकर सामने आई. भारत में नर्सिंग कोर्सेज (Courses) की बात की जाए तो यहां नर्सिंग में विभिन्न प्रकार की डिग्रियां (Degree) प्रदान की जाती हैं.

इन कोर्सेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट का पिछला शैक्षणिक रिकॉर्ड और योग्यता को तरजीह दी जाती है. 12वीं के बाद नर्सिंग कोर्स में दाखिले के लिए साइंस (Science) या आर्ट्स (Arts) कोर्सेज का कोई बंधन नहीं है. स्टूडेंट्स को नर्सिंग में GNM, ANM और B.Sc Nursing जैसी डिग्रियां दी जाती हैं. चलिए जानते हैं नर्सिंग कोर्सेज से जुड़ी अहम जानकारियां:

काम और जॉब संबंधी जिम्मेदारी:

हमारे देश में मेडिकल और हेल्थकेयर सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में नर्सेज की बहुत अहम भूमिका होती है. वे बीमार (Patient) और घायलों की सेवा में खुद को समर्पित कर देते हैं. इनका काम मरीज को इंजेक्शन देने, उनकी देखभाल (Care) करने से लेकर उनका मेडिकल रिकॉर्ड चेक करना रहता है. वे डॉक्टर्स (Doctors) के निर्देशों के आधार पर मरीज की देखभाल करती हैं. नर्सेज की जिम्मेदारी होती है कि वे दवाइयों, इंजेक्शन्स, फॉलो अप और चेक अप आदि के जरिए मरीज के स्वस्थ होने तक उसका पूरा ध्यान रखें.
नर्सिंग के बाद ये हैं करियर की संभावनाएं:

12वीं के बाद नर्सिंग कोर्स के दौरान स्टूडेंट्स न सिर्फ मरीजों की देखभाल करना सीखते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ मरीजों के बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाना भी सिखाया जाता है. नर्सिंग में डिग्री के बाद स्टूडेंट्स के पास इस क्षेत्र में कैरियर की अपार संभावनाएं रहती हैं. वे किसी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में जॉब कर सकते हैं. अनाथालय, वृद्धाश्रम, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स, नर्सिंग होम्स, रिहैबिलिटेशन क्लीनिक्स, इंडस्ट्रीज और यहां तक की आर्म्ड फोर्सेज में भी नर्सिंग स्टाफ की काफी डिमांड रहती है.

12वीं के बाद नर्सिंग कोर्सेज:



इसके तहत विभिन्न डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज उपलब्ध हैं जैसे:-

-GNM (जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी)

-ANM (ऑक्सीलिरी नर्सिंग मिडवाइफरी)

-B.Sc Nursing (बीएससी नर्सिंग).

GSM के लिए योग्यता और संस्थान:

-साइंस स्ट्रीम से 12वीं कक्षा पास होना जरूरी

-12वीं में इंग्लिश मीडियम से PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) पढ़ा होना जरूरी.

-इन विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होना जरूरी.

संस्थान:

श्री गुरू रामदास इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, अमृतसर.

बियानी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, जयपुर.

यूनिवर्सल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, मोहाली.

कॉलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर.

कोशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर.

GNM के बाद कैरियर विकल्प:

-ICU नर्स

-सीनियर नर्स एडुकेटर

-नर्सिंग ट्यूटर

-नर्सिंग असिस्टेंट

-होम केअर नर्स

ANM नर्सिंग कोर्स:

ANM नर्सिंग का एक डिप्लोमा (Diploma) कोर्स है. 12वीं के बाद स्टूडेंट्स इसमें एडमिशन ले सकते हैं. 2 साल के इस कोर्स के बाद स्टूडेंट्स नर्सिंग के विभिन्न क्षेत्रों में जा सकते हैं. इसके लिए निम्नलिखित योग्यता जरूरी है.

-साइंस या आर्ट्स विषयों में 12वीं पास होना जरूरी (मैथेमेटिक्स/फिजिक्स/केमिस्ट्री/बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी/इकॉनोमिक्स/पॉलिटिकल साइंस/हिस्ट्री/जियोग्राफी/बिज़नेस स्टडीज/एकाउंटेंसी/होम साइंस/सोशियोलॉजी/साइकोलॉजी या फिलॉसफी) इंग्लिश इलेक्टिव या साइंस या हेल्थकेयर- वोकेशनल स्ट्रीम.

-स्टूडेंट मेडिकली फिट होना चाहिए.

-वे स्टूडेंट्स जिन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) से आर्ट्स या साइंस में 12वीं पास की हो.

ये हैं संस्थान:

IIMT यूनिवर्सिटी, मेरठ

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मोरादाबाद

कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल, नोएडा

साई नाथ यूनिवर्सिटी, रांची

ANM के बाद करियर विकल्प:

हेल्थ विजिटर

होम नर्स

बेसिक हेल्थ वर्कर

रूरल हेल्थ वर्कर

कम्युनिटी हेल्थ वर्कर

B.Sc नर्सिंग के लिए योग्यता:

साइंस स्ट्रीम से 12वीं कक्षा पास होना जरूरी

-12वीं में इंग्लिश मीडियम से PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) पढ़ा होना जरूरी.

-इन विषयों के साथ 12वीं में कम से कम 45 प्रतिशत अंक होना जरूरी.

ये हैं संस्थान:

AIIMS दिल्ली

आर्म्ड मेडिकल फोर्सेज, पुणे

आचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस, बैंगलोर

CMC, वेल्लोर

B.Sc नर्सिंग के बाद कैरियर विकल्प:

-क्लीनिकल नर्स स्पेशलिस्ट

-नर्स एनेस्थेटिक

-केस मैनेजर

-सर्टिफाइड नर्स मिडवाइफ

-स्टाफ नर्स

-नर्स प्रैक्टिशनर

-नर्स एडुकेटर

सैलरी:

आमतौर पर एक सर्टिफाइड नर्स की सैलरी 20 से 25 हजार रुपए प्रति माह होती है. स्पेशल मामलों में ये 50 से 70 हजार रुपए प्रतिमाह होती है. कोविड महामारी के दौरान ज्यादातर नर्सेज को अधिकतम सैलरी मिली. विभिन्न राज्य अपने हेल्थ डिपार्टमेंट में समय-समय पर नर्सिंग पदों पर भर्तियां निकालते रहते हैं.

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