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इस क्षेत्र में बढ़ रहीं हैं नौकरियां, टीचर्स भी ले रहे क्लास!

इस क्षेत्र में बढ़ रहीं हैं नौकरियां, टीचर्स भी ले रहे क्लास!

न्यूज 18 क्रिएटिव (मीर सुहैल)

न्यूज 18 क्रिएटिव (मीर सुहैल)

आटिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स के क्षेत्र में जॉब की मांग की वजह से अब इन कोर्सों की मांग भी काफी बढ़ी है. इसकी वजह से प्रोफेसर इन सब्जेक्ट के लिए चलाए जा रहे फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में भाग ले रहे हैं.

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    रौनक कुमार गुंजन

    कॉलेजों के टीचर्स ऑटोमेशन के क्षेत्र में ताजा बदलाव से खुद को अपडेट करने के लिए स्पेशल अरेंज्ड क्लास का सहारा ले रहे हैं. आटिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स के क्षेत्र में जॉब की मांग की वजह से अब इन कोर्सों की मांग भी काफी बढ़ी है. इसकी वजह से प्रोफेसर इन सब्जेक्ट के लिए चलाए जा रहे फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में भाग ले रहे हैं.

    हैदराबाद की ट्रेनिंग कंपनी टेकट्रंक कॉलेजों के साथ मिलकर ऑटोमेशन से जुड़ी ट्रेनिंग उनके प्रोफेसर को दे रही है. टेकट्रंक के टेक्निकल हेड अंशू पांडेय बताते हैं, ' इन ट्रेनिंग कोर्सेस को चुनने वाले कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. पहले वे कंप्यूटर इंजीनियरिंग जैसे फिल्ड में ट्रेनिंग करवाते थे. जबकि पिछले 3 सालों से अधिकतर फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में करवाए गए हैं.

    हाल ही में आईआईएलएम लोधी रोड कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एफडीपी का आयोजन किया गया. 2 दिन चलने वाले इस प्रोग्राम में लोधी रोड, गुरुग्राम और ग्रोटर नोएडा के 60 फैकल्टी मैंबर्स शामिल हुए. एफडीपी में भाग लेने के लिए सभी लोगों को ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एडएक्स कोर्स को ऑडिट करना पड़ा.

    ऑल इंडिया काउंलिस ऑफ टेक्निकल एजुकेशन(एआईसीटीई) की हाल की अप्रूवल प्रक्रिया में काउंसिल ने टेक्निकल कॉलेजों में ऑटोमेशन से जुड़े 61 नए कोर्स को मंजूरी दी है.


    इन कोर्सेस के वैश्विक महत्व का अंदाजा उस वक्त लगा जब पिछले साल नवंबर में एक जापानी प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुवाहाटी कैंपस का दौरा किया. विदेशी प्रतिनिधिमंडल जापानी कंपनियों के लिए ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग स्किल्स वाले स्टूडेंट्स के तलाश में था.

    आईआईटी प्लेसमेंट सेल के सूत्रों ने बताया कि वे कैंपस प्लेसमेंट के लिए कॉलेज जाने को तैयार हैं, अगर संस्थान उन्हें ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल के साथ प्रशिक्षित लोगों मुहैया करवाता है. प्रतिनिधिमंडल अगले साल 35-40 लोगों को हायर करने के लिए तैयार है.

    कई रिक्रूटमेंट कंसल्टेंसी के अनुसार भारत दुनिया की तकनीकी आउटसोर्सिंग की आधी से अधिक जरूरतों का समर्थन करता है. हालांकि एम्प्लॉयर्स को अभी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग ट्रेंड लोग मिलने मुश्किल हैं. ये समझने वाली बात है कि फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम्स सालों से चल रहे हैं, अब एडवांस कोर्सों की ओर ध्यान देने की जरूरत है.

    Tags: Job and career

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