23 अप्रैल को क्यों मनया जाता है वर्ल्ड बुक डे? जानिए इससे जुड़ी कुछ खास बातें

23 अप्रैल को क्यों मनया जाता है वर्ल्ड बुक डे? जानिए इससे जुड़ी कुछ खास बातें
यूनेस्को और उससे जुड़े संगठन दुनिया भर में विश्व पुस्तक दिवस मनाते हैं.

यूनेस्को और उससे जुड़े संगठन दुनिया भर में विश्व पुस्तक दिवस मनाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 3:29 PM IST
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नई दिल्ली. 23 अप्रैल को हर साल वर्ल्ड बुक और कॉपीराइट डे मनाया जाता है. यूनेस्को और उससे जुड़े संगठन दुनिया भर में विश्व पुस्तक दिवस मनाते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना और दुनिया भर के लेखकों एवं पुस्तकों को सम्मान देना है.

23 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है?
विलियम शेक्सपियर, मिगेल सर्वान्टिस और इंका गैरसिलासो समेत विश्व साहित्य जगत की बड़ी हस्तियों का इसी दिन निधन हुआ था. उन हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के लिए यूनेस्को ने 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक दिवस के तौर पर चुना है. पहली बार 23 अप्रैल, 1923 को स्पेन में किताब विक्रेताओं ने इस डे को मनाया था. इसके बाद 1995 में पैरिस में यूनेस्को की आमसभा हुई जिसमें फैसला लिया गया कि दुनिया भर के लेखकों को सम्मान और श्रद्धांजलि देने एवं किताबों के प्रति रुचि जगाने के लिए हर साल विश्व पुस्तक दिवस मनाया जाएगा.

कॉपीराइट क्या है?



कॉपीराइट एक कानूनी शब्द है. इसका मतलब है कि किसी रचना के मूल लेखक या रचनाकार का उस पर एक सीमित समय के लिए विशिष्ट अधिकार होता है वह जिस कंपनी या जिस व्यक्ति को अधिकार दे, वह रचना का इस्तेमाल वाण्जियिक या दूसरे उद्देश्य के लिए कर सकता है. कई बार रचनाकार किसी प्रकाशन समूह या प्रकाशन कंपनी के साथ अनुबंध कर लेता है. फिर कॉपीराइट का अधिकार किसी खास प्रकाश समूह के पास चला जाता है, जिसके अलावा उस रचना को कोई और प्रकाशित नहीं कर सकता. अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.



वर्ल्ड बुक डे 2020 थीम
हर साल वर्ल्ड बुक डे का कोई खास थीम होता है. इस साल का थीम है 'किताबों में ज्ञान देने के साथ ही मनोरंजन करने की भी अनोखी क्षमता होती है'. इसमें कोई दो राय नहीं है कि जहां किताबों से हमें काम की जानकारी मिलती है, इससे हमारा ज्ञान बढ़ता है, वहीं हमें किताबों में काफी दिलचस्प चीजें भी पढ़ने को मिलती हैं. इससे हमारा मनोरंजन भी होता है. किताब से हमारी भाषा भी दुरुस्त होती है.

कैसे मनाते हैं इस दिवस को?
दुनिया के अलग-अलग देशों में इस दिन को अपने हिसाब से मनाया जाता है. कहीं मुफ्त में किताबें बांटी जाती हैं तो कहीं प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है. स्पेन में दो दिनों तक रीडिंग मैराथन का आयोजन होता है. इसके अंत में एक लेखक को प्रतिष्ठित मिगेल डे सरवांटिस पुरस्कार दिया जाता है. स्वीडन में स्कूलों और कॉलेजों में लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

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