बड़ी बात: सितंबर में क्यों होना चाहिए नीट और जेईई एग्जाम, ज़रूर जानें

बड़ी बात: सितंबर में क्यों होना चाहिए नीट और जेईई एग्जाम, ज़रूर जानें
इस साल 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने नीट परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है.

एग्जाम स्थगित कराने की मांग में सबसे बड़ी वजह दिन पर दिन फैलता कोरोना वायरस है. जबकि ये किसी को नहीं मालूम कि ये वायरस कब तक जारी रहेगा या कब तक खत्म होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 12:24 PM IST
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नई दिल्ली. सितंबर में होने जा रहे नीट और जेईई एग्जाम स्थगित कराने की मांग देश भर में की जा रही है. एग्जाम स्थगित कराने की मांग में सबसे बड़ी वजह दिन पर दिन फैलता कोरोना वायरस है. जबकि ये किसी को नहीं मालूम कि ये वायरस कब तक जारी रहेगा या कब तक खत्म होगा.

दो साल तक रहा था स्पेनिश फ्लू
इतिहास में फैली बीमारियों को देखें और उदाहरण के तौर पर स्पेनिश फ्लू की बात करें तो उसे कंट्रोल में आने में दो साल का वक्त लगा था.

2.5 मिलियन एनरोल्ड कैंडिडेट्स का क्या?
इन एग्जाम्स को कराए जाने से रोके रखना या स्थगित करते रहना, 2.5 मिलियन एनरोल्ड कैंडिडेट्स के लिए सही फैसला नहीं है. इन दोनों एग्जाम्स को आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पहले ही साफ कर चुकी है कि उनकी ओर से परीक्षा आयोजन में 'सामाजिक दूरी' के लिए बने सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा.



परीक्षा आयोजन में 'सामाजिक दूरी' के लिए बने नियम
-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) नीट और जेईई के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक कमरे में कम उम्मीदवारों को बैठाने और प्रवेश-निकास की अलग व्यवस्था जैसे कदम उठाएगी.
-केंद्रों पर सामाजिक दूरी के नियम का अनुपालन सुनिश्चित करेगी.
-जेईई के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या 570 से बढ़ाकर 660 की गई है.
-जबकि नीट परीक्षा अब 2,546 केंद्रों के बजाय 3,843 केंद्रों पर होगी.
-जेईई-मुख्य परीक्षा के लिए पालियों की संख्या आठ से बढ़ाकर 12 कर दी गई हैं और प्रत्येक पाली में विद्यार्थियों की संख्या अब 1.32 लाख से घटकर 85,000 हो गई है.
-जेईई-मुख्य परीक्षा में छात्रों को परीक्षा कक्ष में एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा. नीट परीक्षा में एक कमरे में विद्यार्थियों की संख्या 24 से घटाकर 12 कर दी गई है.
-परीक्षा कक्षा के बाहर सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनश्चित करने के लिए उम्मीदवारों का विशेष प्रवेश एवं निकास होगा.

17 लाख विद्यार्थियों ने डाउनलोड किया प्रवेश पत्र 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के आंकड़ों के मुताबिक 17 लाख विद्यार्थी पहले ही इन दो परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं. जिसका सीधा सा मतलब ये है कि छात्र परीक्षाओं के लिए तैयार हैं.

परीक्षा में और देरी से ‘शून्य शैक्षणिक सत्र’ का खतरा
कई आईआईटी संस्थानों के निदेशकों ने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली नीट एवं जेईई परीक्षा में और देरी से ‘शून्य शैक्षणिक सत्र’ का खतरा है. परीक्षा के स्थान पर अपनाए जाने वाले किसी भी विकल्प से शिक्षा की गुणवत्ता कम होगी एवं इसका नकारात्मक असर होगा.

बैच के लिए आने वाले समय में भी परेशानी
एग्जाम में देरी करने से 2020 के बैच को आगे आने वाले समय में भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. इन एग्जाम्स को पास कर दाखिला लेने वाले एक बैच का दाखिला प्रभावित हुआ तो अगले सत्र के छात्र भी संघर्ष करेंगे.

विरोध का जवाब प्रतिक्रिया न देकर दिया
इन एग्जाम्स को स्थगित कराने के लिए एक ओर विपक्ष की तमाम पार्टियां एक साथ विरोध कर रही हैं. दूसरी ओर केंद्रिय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सभी के विरोध का जवाब प्रतीक्रिया न देकर दिया.

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नीट परीक्षा 13 सितंबर को, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए जेईई-मेंस परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच कराने की योजना है. दोनों परीक्षाओं में क्रमश: 15.97 लाख और 9.53 लाख छात्र पंजीकृत हैं.
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