केरल लोकसभा चुनाव: CCTV में महिलाएं एक से ज़्यादा बार वोटिंग करती दिखीं

प्रतीकात्मक तस्वीर.

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केरल के कासरगोद संसदीय क्षेत्र में मुख्य चुनाव अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि तीन महिलाओं ने बोगस वोटिंग की और संबंधित पोलिंग अफसरों के खिलाफ जांच की जाएगी.

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लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान केरल के कन्नूर में कासरगोद संसदीय क्षेत्र में बीते 23 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान सत्तारूढ़ सीपीआईएम की तीन महिला कार्यकर्ताओं पर बोगस वोटिंग के आरोप लगे हैं. पुलिस के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक इन तीन में से एक कार्यकर्ता पंचायत सदस्य बताई जा रही है.

पुलिस ने बताया कि चेरूतंजम पंचायत की सदस्य एनपी सलीना सहित केपी सुमय्या और पद्मिनी नाम की तीन महिलाओं के खिलाफ जिला कलेक्टर की शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया है. इन तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 171 सी, डी और एफ के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सत्ताधारी पार्टी के लिए शर्मनाक स्थिति तब बन गई जब स्थानीय टीवी चैनलों ने वो सीसीटीवी फुटेज प्रसारित किए जिनमें ये तीनों महिलाएं कन्नूर ज़िले के एयूपी स्कूल में बनाए गए पोलिंग बूथ नंबर 17 व 19 पर एक से ज़्यादा बार वोट देती हुई दिखाई दीं. ये इलाका कासरगोद संसदीय सीट के अंतर्गत आता है.



मुख्य चुनाव अधिकारी टीकाराम मीना ने बाद में पुष्टि करते हुए कहा कि इन तीनों महिलाओं ने बोगस वोटिंग की इसलिए इस बारे में पोलिंग अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाएगी. संसदीय क्षेत्र में कांग्रेसनीत विपक्ष के सहयोगी यूडीएफ कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद मंगलवार को सीईओ ने भी जिला कलेक्टर से रिपोर्ट तलब की थी.
उधर, सीपीआईएम के राज्य नेतृत्व ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव अधिकारी यूडीएफ के इशारे पर काम कर रहे हैं. पार्टी के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने कहा कि सीईओ को कथित सीसीटीवी के हवाले से किए गए 'मीडिया ट्रायल' के आधार पर खुद निर्णय लेने का अधिकार नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि आगे की जांच के लिए पार्टी तैयार है.

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